Top 5 This Week

Related Posts

अमृतसर के को-पायलट स्वराजदीप सिंह का अंतिम संस्कार:मरीज को लेकर दिल्ली आ रहे थे; दो साल पहले हुई शादी, चार महीने का बेटा


अमृतसर के गोबिंद नगर के निवासी, को-पायलट स्वराजदीप सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। झारखंड में हुए एयर एम्बुलेंस हादसे में उनका निधन हो गया। स्वराजदीप सिंह के पार्थिव शरीर को बुधवार को उनके घर लाया गया। जिस के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। आज उनकी अंतिम यात्रा में कई पार्टियों के नेता और बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। स्वराजदीप सिंह की शादी दो साल पहले हुई थी और उनका चार महीने का बेटा है। परिवार के अनुसार, उनकी अपने फूफा रणजीत सिंह से फोन पर आखिरी बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें काम पर बुलाया जा रहा है और अब जाना पड़ेगा। उनके परिवार में दादा साहिब सिंह, पिता अमरीक सिंह के अलावा माता भाई-भाभी भी हैं। पहले ये PHOTOS देखिए… इस मौके पायलट स्वराज के अंतिम संस्कार में विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर भी शामिल हुए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार अपने बच्चों को बड़े लाड़-प्यार से पालते हैं, उनकी पढ़ाई-लिखाई पर धन और मेहनत लगाते हैं, लेकिन ऐसी दर्दनाक घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। डॉ. निज्जर ने कहा कि व्यवस्था में कई कमियां हैं, जिन्हें स्वीकार कर सुधारना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई एविएशन कंपनियों के पास पर्याप्त स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है स्टाफ की कमी इन्हीं कमियों के कारण सुरक्षा से समझौता होता है। समरिया के जंगलों में क्रैश हुई एयर एम्बुलेंस रेडबर्ड कंपनी का बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L एक एयर एम्बुलेंस था। फ्लाइट ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी, 7:34 पर एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद प्लेन झारखंड के चतरा जिले के समरिया के जंगलों में क्रैश हो गया। एयर एम्बुलेंस के क्रैश होते ही आग लग गई। प्लेन में कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन स्वराजदीप सिंह (को-पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन), धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर), सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ) सवार थे। मरीज को इलाज के लिए दिल्ली लेकर जा रहा था विमान रांची के देवकमल हॉस्पिटल के CEO, अनंत सिन्हा ने PTI को बताया कि एयर एम्बुलेंस का इंतजाम एक मरीज ने किया था। उन्होंने कहा, “लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले मरीज संजय कुमार (41) को 16 फरवरी को 65 परसेंट जलने की हालत में हॉस्पिटल लाया गया था। हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। सिन्हा ने आगे कहा कि परिवार वालों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया। मरीज को लगभग 4.30 बजे हॉस्पिटल से दिल्ली के लिए ले जाया गया। शाम को विमान हादसे में मरीज के साथ जा रहे सभी लोगों की मौत हो गई।

Spread the love

Popular Articles