![]()
गयाजी में पितृपक्ष मेले का आज(10 अक्टूबर 2026) 12वां दिन है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी मंगलवार को अपने परिवार के साथ देवभूमि उत्तराखंड से गयाजी पहुंचे। उन्होंने पवित्र विष्णुपद क्षेत्र में अपने दादा पंडित तोताराम द्विवेदी और प्रपितामह(परदादा) पंडित आत्माराम द्विवेदी के लिए पिंडदान-तर्पण किया। उनके चाचा भी साथ थे, पिताजी बुजुर्ग होने के कारण नहीं आ सके। हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह उनका गयाजी का पहला दौरा है। यहां की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पवित्र धरती पर पहुंचना गौरव की बात है। पितरों के तर्पण के लिए दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य की प्रेरणा से बद्रीनाथ क्षेत्र के लोग अब पिंडदान के लिए आने लगे हैं। ‘हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं’ देवभूमि उत्तराखंड में भगवान बद्रीनाथ और बाबा केदारनाथ के अलावा अनेक महत्वपूर्ण मंदिर हैं। श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ की यात्रा बेहद दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में होती है। इसके बावजूद हर वर्ष लाखों श्रद्धालु वहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जिस तरह बद्रीनाथ और केदारनाथ की अपनी विशिष्ट धार्मिक पहचान है, उसी प्रकार गयाजी का भी सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यहां पितरों के तर्पण और पिंडदान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ और व्यवस्था की सराहना हेमंत द्विवेदी ने पितृपक्ष मेले के दौरान की गई व्यवस्थाओं की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां अपने पितरों के तर्पण के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद स्थानीय प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और अन्य विभागों की ओर से व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास सराहनीय है। स्वच्छता और धार्मिक स्थलों मर्यादा बनाए रखने की अपील श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं से स्वच्छता और धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस आस्था और श्रद्धा के साथ लोग पवित्र स्थलों पर आते हैं, उसी भावना के साथ उनकी पवित्रता को बनाए रखना भी जरूरी है। स्नान के दौरान कुछ श्रद्धालुओं को घाट पर कपड़े धोते हुए देखा गया। धार्मिक स्थलों की पौराणिकता और पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए। गयाजी में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु और आम नागरिक की भी जिम्मेदारी है। मंदिरों के विकास पर भी हुई चर्चा हेमंत द्विवेदी ने गयाजी के विभिन्न धार्मिक स्थलों और मंदिरों का अवलोकन किया। इस दौरान मंदिरों की व्यवस्था और विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि गयाजी से अपने पितरों के प्रति श्रद्धा, यहां की धार्मिक परंपरा और विष्णुपद दर्शन की एक यादगार लेकर लौट रहे हैं। यहां वर्तमान में व्यवस्था अच्छी है, लेकिन सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयास से इसे और बेहतर बनाया जा सकता है। लोगों ने किया सम्मानित वहीं, गयाजी पहुंचने पर जदयू प्रदेश महासचिव चंदन सिंह और स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य ने हेमंत द्विवेदी का स्वागत किया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर और विष्णु चरण भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर भी उनका स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से आए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष का गयाजी की पवित्र धरती पर पहुंचना गौरव की बात है।
गयाजी पहुंचे श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष:हेमंत द्विवेदी ने दादा-परदादा का किया पिंडदान; बोले- पवित्र धरती पर आना गौरव की बात है
