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पंचायत के सरकारी कामकाज में फर्जीवाड़े का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दधावारी पंचायत के सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर सरकारी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में भिट्ठा थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। तथ्यों के आधार पर संजय पांडेय को गिरफ्तार किया कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के पीछे आरोपी का मकसद क्या था और इस खेल में उसके साथ कोई और भी शामिल है या नहीं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भिट्ठा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव, वार्ड नंबर-5 निवासी संजय पांडेय (35), पिता रामदेव पांडेय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर दधावारी पंचायत के सरपंच के हस्ताक्षर और मुहर का कथित रूप से फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर सरकारी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर संजय पांडेय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब उन दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, जिनमें कथित तौर पर सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल किया गया था। फर्जीवाड़े के पीछे क्या था मकसद? पुलिस की जांच अब इस सवाल पर भी केंद्रित है कि आरोपी ने सरकारी दस्तावेज आखिर किस उद्देश्य से तैयार किए। क्या इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी सरकारी योजना, पंचायत के काम या किसी अन्य प्रक्रिया में किया जाना था? पुलिस इन तमाम बिंदुओं को खंगाल रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल केवल एक दस्तावेज में किया गया या इसके जरिए कई कागजात तैयार किए गए। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सरकारी डॉक्यूमेंट में सरपंच की फर्जी स्टाम्प-सिग्नेचर का इस्तेमाल:35 साल का युवक गिरफ्तार, पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में
