जमशेदपुर3 घंटे पहले
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मानदेय और पोषाहार की राशि के विरोध में बीएमएस का अनिश्चितकालीन बंद, सेविकाओं के अलग-अलग रुख से उपजा भ्रम, शहर के 99 केंद्र खुले रहे
मानदेय और पोषाहार की राशि लंबित रहने के विरोध में आंगनबाड़ी केंद्रों की हड़ताल का शुक्रवार को मिला-जुला असर दिखा। शहर के करीब 89 केंद्र बंद रहे, जिससे 2500 से अधिक बच्चों को पोषाहार नहीं मिल सका। हालांकि 99 केंद्र खुले रहे। यहां नियमित गतिविधियां जारी रहीं।
भारतीय मजदूर संघ आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मानदेय और पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं होने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। संघ के अनुसार, सेविकाओं और सहायिकाओं को 11 महीने से मानदेय नहीं मिला है। पोषाहार की राशि भी कई महीने से लंबित है। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। हड़ताल को लेकर संचालिकाओं में मतभेद सामने आए। कुछ ने बंद का समर्थन किया, जबकि कुछ संचालिकाओं ने केंद्र खुले रखे।
हड़ताल में शामिल नहीं होने वाली कुछ संचालिकाओं का कहना था- मुख्यमंत्री की माता के निधन के बाद ऐसे समय में हड़ताल करना उचित नहीं लगता। इस कारण सभी केंद्रों पर बंद का एक जैसा असर नहीं दिखा। इधर, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार देने के साथ उनकी शुरुआती देखभाल और विकास से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित होती हैं। शुक्रवार को केंद्र बंद रहने से इन सेवाओं पर असर पड़ा। सुबह केंद्र पहुंचे बच्चों को ताला देखकर लौटना पड़ा।
किस केंद्र पर क्या स्थिति रही – बिरसा बस्ती, सोनारी स्थिति – आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लटका हुआ रहा। इसके चलते बच्चों को वापस होना पड़ा, हड़ताल के चलते यह स्थिति बनी।
कुम्हारपाड़ा, बाराद्वारी- स्थिति – इस केंद्र पर भी हड़ताल का असर दिखा। केंद्र पर ताला लटका रहा, जिससे बच्चों को बिना पोषाहार मिले वापस लौटना पड़ा।
गांधी आश्रम, बाराद्वारी – स्थिति – आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लटका रहा। रोजाना की तरह केंद्र पहुंचने वाले बच्चे बैरंग लौट गए। पोषाहार भी नहीं मिल सका।
तेजाब तालाब, आजादनगर रोड नं 17 – स्थिति – केंद्र बंद होने के कारण यहां आने वाले बच्चों को वापस लौटना पड़ा। उन्हें निर्धारित पोषाहार भी नहीं मिल सका।
जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंगनबाड़ी केंद्रों की हड़ताल जारी रहेगी। हम लंबे समय से मानदेय की मांग कर रहे हैं। पोषाहार की राशि भी नहीं मिल रही है। आंदोलन के दौरान हम बीएलओ के तौर पर भी काम नहीं करेंगे। – बिंदु कुमारी, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ

