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गिरिडीह के पंचम्बा स्थित सार्वजनिक दुर्गा माता मंदिर में रविवार को शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। इस अवसर पर कलश स्थापना के लिए करीब छह हजार श्रद्धालु जुटे। 1821 कलशों में जल भरकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। इससे पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। नवरात्र के पहले दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। आयोजन में शामिल लोगों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही पंचम्बा क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गईं। कलश स्थापना के इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। शोभायात्रा से जुड़ी तस्वीरें देखें… नर्मदा धाम से निकली यात्रा, मंदिर में हुई कलश स्थापना कलश यात्रा की शुरुआत नर्मदा धाम से हुई। इसके बाद शोभायात्रा बारतर काली मंदिर और पंचम्बा बाजार होते हुए सार्वजनिक दुर्गा माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते रहे। महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। निर्धारित मार्ग से होते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना के बाद 1821 कलशों की स्थापना की गई। नवरात्र के पहले दिन आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी रही। कलश स्थापना के साथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की पूजा विधिवत शुरू हुई। पूरे आयोजन में मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली। 1880 में राजा टिकैत सिद्धनाथ सिंह ने शुरू की थी शक्ति पूजा पंचम्बा स्थित सार्वजनिक दुर्गा माता मंदिर का इतिहास वर्ष 1880 से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, राजा टिकैत सिद्धनाथ सिंह ने यहां शक्ति पूजा की शुरुआत की थी। समय के साथ इस धार्मिक स्थल का महत्व बढ़ता गया। बाद में वर्ष 1955 में रासबिहारी सिंह ने मंदिर को सार्वजनिक दुर्गा स्थान घोषित किया। इसके बाद से मंदिर सार्वजनिक धार्मिक आयोजन का केंद्र बना रहा। यहां दुर्गा पूजा और नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का ऐतिहासिक महत्व पंचम्बा क्षेत्र की धार्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से यहां मां दुर्गा की आराधना की जाती रही है। मंदिर से जुड़ी परंपराएं आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा हैं। दिसंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक हुआ जीर्णोद्धार सार्वजनिक दुर्गा माता मंदिर का जीर्णोद्धार दिसंबर 2022 से अक्टूबर 2023 के बीच किया गया। इस दौरान मंदिर के पुनर्निर्माण और सुधार का कार्य पूरा हुआ। मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के साथ यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की भी विशेष पहचान है। रविवार को शारदीय नवरात्र की शुरुआत पर आयोजित कलश यात्रा में करीब छह हजार श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। 1821 कलशों की स्थापना के साथ नवरात्र पूजा शुरू हुई। नर्मदा धाम से मंदिर तक निकली शोभायात्रा में महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, डीजे और जयकारों के बीच धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। पंचम्बा का यह मंदिर अपने इतिहास और धार्मिक परंपराओं के कारण क्षेत्र के प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल है।
गिरिडीह के पंचम्बा में 1821 कलशों की शोभायात्रा:शारदीय नवरात्र का आगाज, 6 हजार श्रद्धालु हुए शामिल, 1880 से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
