
West Bengal Enemy Properties: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि केंद्र सरकार राज्य की सभी ‘शत्रु संपत्तियों’ का संरक्षक पश्चिम बंगाल सरकार को बनाने जा रही है. उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल विकास परियोजनाओं में होगा. शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद जिले के लालबाग में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी : मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस कदम को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में हाल ही में नयी दिल्ली में बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान चर्चा हुई थी. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें इसका आश्वासन दिया था. बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने कहा कि राज्य सरकार इन संपत्तियों से होने वाली आय का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए करना चाहती है.
क्या होती हैं शत्रु संपत्तियां?
शत्रु संपत्तियों में चल और अचल संपत्तियां शामिल होती हैं. इनमें जमीन, इमारतें, शेयर और बैंकों में जमा सोना जैसी संपत्तियां भी हो सकती हैं. ये उन लोगों की संपत्तियां हैं, जो भारत के शत्रु माने जाने वाले देशों में जाकर बस गये और वहां की नागरिकता ले ली.
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बंगाल में करीब 4,000 शत्रु संपत्तियों का दावा
भारत में शत्रु संपत्तियों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या पश्चिम बंगाल में है. राज्य में ऐसी करीब 4,000 संपत्तियां होने की जानकारी दी गयी है. ये संपत्तियां मुर्शिदाबाद, मालदा, कोलकाता, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में हैं.
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