भास्कर न्यूज| किशनगंज जिले में एचआईवी संक्रमित मरीजों की पहचान करने और पहले से चिह्नित मरीजों को उपचार से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देश पर जिले में इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत अब तक आयोजित पांच स्वास्थ्य शिविरों में छह एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। वहीं, चार मरीजों में सिफलिस और दो में हेपेटाइटिस-बी संक्रमण मिला है। अभियान के तहत प्रत्येक माह आठ स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम के अनुसार, मरीजों की खोज और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का अभियान फरवरी 2027 तक चलाया जाएगा। जिले में अब तक 2335 एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। इनमें से 1903 मरीजों को उपचार एवं नियमित देखभाल के लिए संबंधित एआरटी सेंटर से जोड़ा जा चुका है। शेष मरीजों को खोजकर एआरटी सेंटर से जोड़ना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। शिविर में कई बीमारियों की जांच की व्यवस्था, अस्पताल में होगा इलाज इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप में केवल एचआईवी की जांच तक अभियान सीमित नहीं रहेगा। यहां यौन संक्रमित रोगों ,सिफलिस, हेपेटाटिस -बी और सी, जी जांच एवं पहचान की जा रही है। एचआईवी संक्रमित लोगों के परिवारजनों, यौन साथियों, सुई साझा करने वाले लोगों और अन्य उच्च जोखिम समूहों तक जांच सेवाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रवासियों और अन्य संवेदनशील समूहों को भी अभियान से जोड़ने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग के माइक्रोप्लान के अनुसार, 16 अक्टूबर को ठाकुरगंज प्रखंड के गलगलिया में इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। इसके बाद 21 अक्टूबर को बहादुरगंज के बिरनिया समेसर, 24 अक्टूबर को टेढ़ागाछ के झुनकी मुशारा और 30 अक्टूबर को कोचाधामन के बिशनपुर में शिविर लगाए जाएंगे।
