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भास्कर न्यूज|लोहरदगा शारदीय नवरात्रि पर ऑफिशियल लोहरदगा डांस एकेडमी के तत्वावधान में शहर के पार्क के पास स्थित जिला परिषद परिसर में भव्य डांडिया व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डांडिया की लयबद्ध थाप, पारंपरिक संगीत की सुरमयी धुन, रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने पूरे परिसर को उमंग, उल्लास और उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। अतिथियों के आगमन पर आयोजन समिति व अकादमी के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत किया। माता की चुनरी भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद मुख्य अतिथि धीरज प्रसाद साहू, विशिष्ट अतिथि निशा उरांव सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। माता की आरती की गई। आरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिभाव से ओत-प्रोत हो उठा। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने डांडिया की मनोहारी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। संगीत की धुन पर थिरकते कदम, डांडिया की खनक, दर्शकों की तालियों से पूरा परिसर जीवंत हो उठा। कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक, विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, परिवहन पदाधिकारी जया शंखी पुष्पी, अंजना दास, रिया दास, शशि गुप्ता, कुणाल वर्मा, निश्चय वर्मा, वार्ड पार्षद कुमार अभिषेक, रंजीत महली, रूपेश कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा व श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन तक जिला परिषद परिसर डांडिया की थाप, भक्ति संगीत, उल्लास से गूंजता रहा। आयोजन ने नवरात्रि की आध्यात्मिक गरिमा को सांस्कृतिक उल्लास से जोड़ा। लोहरदगा की सांस्कृतिक जीवंतता, सामाजिक एकता, उत्सव धर्मिता का भव्य परिचय प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि धीरज प्रसाद साहू ने नवरात्रि एवं दुर्गापूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं। यह शक्ति, भक्ति, आस्था, संस्कार, सामाजिक समरसता की जीवंत अभिव्यक्ति है। विशिष्ट अतिथि आयकर आयुक्त निशा उरांव ने भी सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डांडिया उत्सव पर झूम उठा लोहरदगा, उमंग और उल्लास से सराबोर हुआ कार्यक्रम स्थल
