बेगूसराय में नवरात्र के मौके पर आयोजित एक जागरण कार्यक्रम में डांस कर रही महिला को दरोगा ने मंच पर पहुंचकर थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद भीड़ आक्रोशित हो गई और दरोगा से धक्का मुक्की कर दी। इसके बाद दरोगा ने पिस्टल निकाली और भीड़ पर तान दिया। घटना का वीडियो सामने सामने आया है। बताया जा रहा है कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पानगाछी चौक के पास आयोजित जागरण कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दरोगा को मिली थी। घटना मंगलवार तड़के तीन बजे के आसपास की है। जानकारी के मुताबिक, डांसर को थप्पड़ मारने से पहले दरोगा ने कार्यक्रम के आयोजक के साथ भी मंच पर पहुंचकर धक्का-मुक्की की थी। बताया जा रहा है कि तड़के सुबह तक चल रहे कार्यक्रम को दरोगा बंद कराना चाहते थे ताकि लोग और दरोगा भी अपने सहयोगियों के साथ घर लौट जाएं। दरोगा के कहने के बावजूद जब कार्यक्रम बंद नहीं हुआ तो वे मंच पर पहुंच गए। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी चौक स्थित मां वैष्णवी सार्वजनिक दुर्गा स्थान में मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे थे। रातभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति चलती रही। कार्यक्रम जब अपने अंतिम चरण की ओर था और तड़के करीब 3 बजे मंच पर फिल्मी गानों की धुन पर डांस प्रस्तुति शुरू हुई। मंच पर डांसर अपना परफॉर्मेंस दे रही थी और दर्शक झूम रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात दरोगा मंच पर पहुंच गए। उन्होंने डांसर को तुरंत कार्यक्रम रोकने को कहा। डांसर की पीठ पर हाथ चलाया, थप्पड़ मारकर पीछे धकेला वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही दरोगा मंच पर पहुंचे, उन्होंने डांसर की पीठ पर हाथ चला दिया और थप्पड़ मारते हुए उसे डांटकर पीछे धकेल दिया। दरोगा के इस व्यवहार से वहां मौजूद दर्शक आक्रोशित हो गए। इसके बाद जैसे ही दरोगा मंच से नीचे उतरे, आक्रोशित भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। लोगों का आरोप था कि अगर कार्यक्रम रोकने का समय हो गया था, तो पुलिस आयोजकों से सही तरीके से बात कर सकती थी। लाउडस्पीकर बंद करवा सकती थी, लेकिन किसी महिला कलाकार पर हाथ उठाना बिल्कुल गलत है। हंगामे और विरोध के दौरान दरोगा ने दी सफाई हंगामे और विरोध के दौरान दरोगा ने सफाई दी और कहा कि सुबह के तीन बज चुके हैं, अब कार्यक्रम बंद करने का समय हो गया है। पुलिस बल भी पूरी रात से मुस्तैद होकर ड्यूटी में लगा हुआ है। इसके जवाब में स्थानीय लोगों का कहना था कि तय कार्यक्रम के अनुसार जागरण सुबह तक चलना था और मंच संचालन आयोजकों के हाथ में था, न कि पुलिस को इस तरह हिंसा का सहारा लेना चाहिए था। इसके बाद बहस इतनी बढ़ गई कि माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। दर्शकों, ग्रामीणों के विरोध पर दरोगा ने पिस्टल निकालकर भीड़ पर ताना दर्शकों, ग्रामीणों के विरोध के बीच दरोगा ने अचानक अपनी कमर में लगी सरकारी पिस्टल निकाली और गाली देते हुए भीड़ पर तान दिया। इसके बाद आसपास मौजूद लोग वहां से हट गए। भीड़ के हटते ही दरोगा ने दोबारा गाली-गलौज करते हुए अंजाम भुगतने की धमकी दी। डांसर बोली- दरोगा बताएं कि आखिर मेरा जुर्म क्या था, मुझे क्यों मारा वहीं, डांसर का कहना है कि हमलोग पानगाछी में जागरण कार्यक्रम कर रहे थे। शो के दौरान अचानक दारोगा मंच पर आए और गाना बंद करने के लिए कहा। जब गाना बंद हो गया और मैं जाने लगी तो दरोगा ने मुझे थप्पड़ मारा। क्यों मारा, किसलिए मारा पता नहीं, मेरे मालिक पर भी हाथ चलाया, उनके साथ बदसलूकी की। दरोगा बताए कि मैंने कौन सा ऐसा जुर्म किया था कि मुझ पर हाथ चलाया। डांसर ने कहा कि मैं महिला हूं, वे महिला पुलिस को भेज कर मुझे डांस रोकने को बोल सकते थे। उन्होंने हम लोगों के साथ अभद्रता की। जैसे भीड़ के सामने मुझे दरोगा ने मारा, भीड़ के सामने ही वे मुझसे माफी मांगे।
बेगूसराय- मंच पर चढ़कर दरोगा ने डांसर को मारा थप्पड़:गुस्साए भीड़ ने की धक्का-मुक्की, पुलिसकर्मी ने तानी पिस्टल; जागरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिली थी
