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सिटी रिपोर्टर | बीहट राजकीय कल्पवास मेला, सिमरिया धाम में इस बार श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बिहार की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य, लोकनाट्य का भी आनंद मिलेगा। 38 दिनों तक चलने वाले मेले में 17 दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से इसकी तैयारी की गई है। कार्यक्रमों में बेगूसराय के अलावा बिहार के अन्य जिलों की सांस्कृतिक टोलियां भी प्रस्तुति देंगी। कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या के लिए एक दिन के अंतराल पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। इनके माध्यम से बिहार की लोक संस्कृति, लोकगाथा, लोकनाट्य को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। 18 अक्टूबर को मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय की प्रस्तुति हुई। 22 अक्टूबर को तरुणी तारण नाट्य समिति की प्रस्तुति हुई। आगामी कार्यक्रमों में 24 अक्टूबर को अमर लोक कला केंद्र, डीही, बेगूसराय की प्रस्तुति होगी। 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय नवसर्जना साहित्य परिषद, बेगूसराय की ओर से कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 28 अक्टूबर को चंदन युवा संस्थान, दलसिंहसराय की प्रस्तुति होगी। 30 अक्टूबर को ब्रजेश सुमन, समस्तीपुर की प्रस्तुति होगी। 1 नवंबर को नवकिरण आर्ट फाउंडेशन, बेगूसराय की प्रस्तुति होगी। 3 नवंबर को एकता नाट्य मंच, भागलपुर की ओर से लोकनाटक, लोकगीत, लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। 5 नवंबर को एक्टिव कल्चरल सोसायटी, बेगूसराय की प्रस्तुति होगी। 7 नवंबर को राष्ट्रकवि दिनकर संगीत कला केंद्र, बेगूसराय की प्रस्तुति होगी। 9 नवंबर को अखिल भारतीय अंगिका विकास समिति, बेगूसराय की प्रस्तुति होगी। 11 नवंबर को रंग दर्शन आर्ट ग्रुप, तेघड़ा के कलाकार लोकगीत, लोकनृत्य पेश करेंगे। 13 नवंबर को भास्कर महोत्सव कार्यक्रमों की शृंखला में 13 नवंबर को आकाश गंगा रंग चौपाल एसोसिएशन, बीहट-बरौनी की ओर से भास्कर महोत्सव का विशेष आयोजन किया जाएगा। 17 नवंबर को लोकगायिका बिंदु कुमारी की प्रस्तुति होगी। 19 नवंबर को शहीद जुब्बा लोक सेवा समिति, वैशाली की प्रस्तुति होगी। 21 नवंबर को एएम फाउंडेशन, बेगूसराय कार्यक्रम पेश करेगा। 24 नवंबर को बाल रंगमंच, बीहट सहित अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
कल्पवास मेले में 17 दिन सजेगी सांस्कृतिक संध्या
