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बैंकिंग व्यवस्था की अंतिम कड़ी के रूप में गांव-गांव तक बैंकिंग सेवा पहुंचा रहे बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) साथियों ने अपने अधिकार, सुरक्षा और सम्मानजनक कमीशन की मांग को लेकर रविवार को कटिहार में महासम्मेलन किया। दिनांक 25 को आयोजित इस सम्मेलन में जिले भर से करीब 150 से 200 बीसी साथी शामिल हुए। सम्मेलन में बीसी यूनियन के गठन, ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन और बैंक से सीधे जुड़ाव को लेकर रणनीति तय की गई। इस दौरान यूनियन के लीगल एडवाइजर धीरज प्रसाद शाह और बीसी साथियों ने अपनी बात रखी। लीगल एडवाइजर ने कहा- अधिकार मिलना चाहिए नवगठित यूनियन के लीगल एडवाइजर धीरज प्रसाद शाह ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम में काम कर रहे बीसी की पहचान बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 35-A के तहत स्थापित है। इस एक्ट के तहत इनके जो अधिकार और सुरक्षा बनते हैं, वो इन्हें मिलना चाहिए। सम्मानजनक स्टैंडर्ड कमीशन की मांग धीरज प्रसाद शाह, लीगल एडवाइजर ने कहा जो बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग सिस्टम में काम कर रहे हैं, उनकी पहचान बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 35 ए के तहत स्थापित है। इस एक्ट के तहत इनके जो अधिकार बनते हैं, इनकी जो सुरक्षा बनती है, वो इन्हें मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर यह महासम्मेलन किया गया है, ताकि बीसी साथी अपना एक संगठन तैयार कर सकें जो ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 के तहत रजिस्टर्ड होगा। इस यूनियन के माध्यम से बीसी साथी अपने अधिकारों की रक्षा और मरणोपरांत अपने बाल-बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कवच प्राप्त कर सकेंगे। सभी बीसी साथियों का बीमा किया जाए और सम्मानजनक स्टैंडर्ड कमीशन दिया जाए। कंपनी हटा कर सीधा बैंक से जोड़ा जाए सम्मेलन में शामिल बीसी साथी रूपेश कुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने गांव के गरीब परिवारों को बैंक से जोड़ने का काम किया, लेकिन आज तक उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिली। कंपनी के माध्यम से बहाल होने के कारण उनका कमीशन कंपनी खा रही है। रूपेश कुमार शर्मा, BC साथी ने कहा गांव के जो छोटे गरीब परिवार बैंक से नहीं जुड़ पाए थे, उनको हम लोगों ने जोड़ा, लेकिन आज तक हम लोग का कोई सुरक्षा नहीं है। हम लोगों को कंपनी के माध्यम से बहाल किया गया है। हमारा कमीशन कंपनी खा रही है। पहली मांग है कि कंपनी को हटाकर बैंक और हम लोग का सीधा संपर्क होना चाहिए। सेंट्रल बैंक के करीब 600 बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट दूसरी मांग है कि हम लोगों की सुरक्षा बीमा बैंक के माध्यम से होनी चाहिए। अगर हमारे साथ कोई अनहोनी होती है तो हमारा परिवार रोड पर आ जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश और यूपी की तर्ज पर बिहार में भी यूनियन का गठन हो रहा है। कटिहार से शुरुआत कर सीमांचल के चार जिलों को जोड़ा जाएगा और फिर पटना में राज्य स्तरीय महासम्मेलन होगा। कटिहार में सेंट्रल बैंक के करीब 600 बीसी हैं। आज पहला सम्मेलन होने के कारण 150 से 200 साथी ही पहुंच पाए हैं। आज यूनियन में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पांच लाख के OD की मांग वहीं एक अन्य बीसी साथी ने अपनी पूंजी की समस्या रखी। जेपी यादव ने कहा, ‘हमारी ज्यादा मांग नहीं है। मैं अपना पूंजी जो लगाता हूं, वो नहीं लगना चाहिए। अगर हम पांच लाख रुपए अपने घर का पैसा लगाते हैं, वो हम पब्लिक में बांटते हैं। ये हमें बैंक दे या सरकार दे, लेकिन हमें कम से कम पांच लाख का OD दिया जाए। हम गरीब घर से आते हैं, मेरे पास उतने पैसे कहां से आएंगे। जब बैंक हमें पांच लाख का OD देगा तो हमारी इनकम बढ़ेगी।’
बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट साथियों ने महासम्मेलन कर अधिकार और सुरक्षा मांगी:कंपनी हटाकर बैंक से सीधा जोड़ने, बीमा और सम्मानजनक कमीशन की मांग
