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सीतामढ़ी शहर के बाबू वीर कुंवर सिंह चौक के समीप रविवार को हनुमानी छीनने की कोशिश में नाकाम बदमाशों ने न्यूज पेपर विक्रेता मनोज शाह पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में मनोज जख्मी हो गए। उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। मनोज की पत्नी पूनम कुमारी ने डायल 112 की टीम के मौके पर पहुंचने में देरी का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने इससे अलग दावा किया है। हनुमानी छीनने में नाकाम होने पर किया हमला जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह किरण चौक के पास बदमाशों ने मनोज शाह से हनुमानी छीनने की कोशिश की। इसमें नाकाम रहने पर उन पर चाकू से हमला कर दिया। वारदात के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। घायल मनोज को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना देने के एक घंटे बाद पहुंची पुलिस मनोज शाह की पत्नी पूनम कुमारी ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना डायल 112 को देने के बावजूद पुलिस टीम को मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगा। उनका कहना है कि आपातकालीन सेवा का उद्देश्य संकट में फंसे लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाना है। ऐसे में पुलिस के देर से पहुंचने का आरोप व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस का दावा- कॉल के 20 मिनट बाद पहुंची टीम दूसरी ओर, सीतामढ़ी पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि डायल 112 पर कॉल मिलने के 20 मिनट बाद टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। इस तरह पुलिस के आधिकारिक दावे और पीड़ित पक्ष की ओर से बताई गई समयावधि में अंतर है। पुलिस के पहुंचने के समय पर उठे सवाल इस मामले में पुलिस के पहुंचने के वास्तविक समय को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसे स्पष्ट करने के लिए डायल 112 पर कॉल किए जाने का समय, कॉल का रिकॉर्ड और टीम के घटनास्थल पर पहुंचने का समय महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल घटना और पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर उपलब्ध जानकारी में दोनों पक्षों के दावे अलग हैं।
हनुमानी छीनने में नाकाम बदमाशों ने हॉकर को चाकू मारा:सीतामढ़ी में पेपर विक्रेता से वारदात, सदर अस्पताल में भर्ती; पत्नी बोली-देर से पहुंची पुलिस
