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oi-Sumit Jha
Prachand Helicopter Features: जैसलमेर के रेतीले धोरों के बीच भारतीय आसमान तब गर्व से भर गया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी। यह सिर्फ एक सरकारी दौरा नहीं, बल्कि दुनिया को भारत की बढ़ती सैन्य ताकत दिखाने का एक बड़ा मौका था। ‘प्रचंड’ कोई मामूली हेलीकॉप्टर नहीं है, यह 5.8 टन का वो ‘अजेय शिकारी’ है जिसे खास तौर पर चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर ऊंचे पहाड़ों में जंग लड़ने के लिए बनाया गया है।
सियाचिन की जमा देने वाली ठंड हो या लद्दाख की दुर्गम चोटियां, यह हेलीकॉप्टर वहां भी दुश्मन को धूल चटा सकता है जहां दुनिया के सबसे ताकतवर विमान भी उड़ान भरने में कतराते हैं। इस रिपोर्ट में गहराई से समझते हैं कि आखिर यह स्वदेशी हेलीकॉप्टर युद्ध के मैदान में कितना खतरनाक है और क्यों इसकी एक गर्जना से दुश्मनों के कैंप में खलबली मच जाती है।

LCH Prachand features in Hindi: सियाचिन का ‘अजेय’ योद्धा
‘प्रचंड’ दुनिया का इकलौता ऐसा लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो 16,400 फीट (5,000 मीटर) से ज्यादा की ऊंचाई पर हथियारों के साथ लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकता है। जहां दुनिया के सबसे भारी-भरकम हेलीकॉप्टर जैसे अमेरिका का ‘अपाचे’ भी लद्दाख और सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर ऑक्सीजन की कमी से जूझते हैं, वहां प्रचंड बिजली की रफ्तार से उड़ान भरता है। पहाड़ों में छिपे दुश्मन के बंकरों को तबाह करने के लिए इससे बेहतर योद्धा पूरी दुनिया में कोई दूसरा नहीं है।
President Droupadi Murmu Jaisalmer Air Force: रडार को चकमा देने की शक्ति
इस हेलीकॉप्टर की बनावट इसे बेहद खास बनाती है। इसका ‘स्लीक’ और ‘स्टील्थ’ डिजाइन रडार की किरणों को सोख लेता है, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगती। यह चुपचाप दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला करने में माहिर है। इसके अलावा, इसका शरीर खास कवच (Armor) से बना है, जो गोलियों के सीधे वार को भी झेल सकता है, जिससे पायलट और विमान दोनों युद्ध के दौरान सुरक्षित रहते हैं।
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HAL Prachand Combat Capabilities: जिधर नजर, उधर निशाना
प्रचंड की सबसे घातक खूबी इसकी 20mm की तोप है, जो पायलट के हेलमेट के साथ जुड़ी होती है। पायलट अपनी गर्दन जिस तरफ घुमाएगा, हेलीकॉप्टर की तोप अपने आप उसी दिशा में घूम जाएगी। इसमें हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलें और 70mm के रॉकेट पॉड्स लगे हैं। यह न केवल दुश्मन के ड्रोन को गिरा सकता है, बल्कि उनके टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को पलक झपकते ही मलबे के ढेर में बदल सकता है।
रात का राजा: अंधेरे और कोहरे में भी अचूक
राष्ट्रपति ने जिस ‘ग्लास कॉकपिट’ में सवारी की, वह अत्याधुनिक इन्फ्रारेड सेंसर्स और थर्मल इमेजिंग सिस्टम से लैस है। इसका मतलब है कि यह हेलीकॉप्टर घने कोहरे, धूल के तूफान या आधी रात के घने अंधेरे में भी दुश्मन को साफ-साफ देख सकता है। इसका डिजिटल ‘मिशन कंप्यूटर’ खुद ही खतरों की पहचान करता है और पायलट को हमला करने के लिए सटीक जानकारी देता है, जिससे गलती की गुंजाइश लगभग शून्य हो जाती है।
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स्वदेशी इंजन और आत्मनिर्भर भारत की हुंकार
प्रचंड पूरी तरह से भारत की अपनी तकनीक और मेहनत का नतीजा है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है और इसमें लगा ‘शक्ति’ इंजन इसे दुनिया के सबसे भरोसेमंद हेलीकॉप्टरों की कतार में खड़ा करता है। विदेशी हेलीकॉप्टरों के मुकाबले इसका मेंटेनेंस सस्ता है और यह भारत की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने दुश्मन देशों को साफ संदेश दे दिया है कि भारतीय सेना अब हर परिस्थिति में प्रहार करने के लिए तैयार है।




