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नालंदा पुलिस लाइन में तैनात दरोगा वीरेंद्र कुमार(58) की पटना में शनिवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई। गिरियक थाना क्षेत्र के मंगरबीघा गांव के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। फरवरी माह में ही पटना के सुल्तानगंज थाने से नालंदा तबादला हुआ था। वर्तमान में पुलिस लाइन में अपनी सेवा दे रहे थे। पुत्र अभिमन्यु कुमार ने बताया कि एसपी के निर्देश पर मालखाने का प्रभार सौंपने के लिए वापस सुल्तानगंज थाना गए थे। इस दौरान थाने के बाथरूम में अचानक गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
2 साल में रिटायर्ड होने वाले थे गिरियक पुलिस से परिजनों को हादसे की जानकारी मिली। जब परिजन पीएमसीएच पहुंचे, तो वहां वीरेंद्र कुमार का शव स्ट्रेचर पर पड़ा मिला। रिटायरमेंट में 2 साल का समय रह गया था। उन्होंने अपने करियर के दौरान भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय और पटना जैसे महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दी थी। तीन बेटा और एक बेटी है। एक बेटा आर्मी में हैं, जबकि 2 बेटे बिजनेस और पढाई कर रहे हैं। नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई पोस्टमार्टम के बाद रविवार को वीरेंद्र कुमार का पार्थिव शरीर नालंदा पुलिस लाइन लाया गया। डीएसपी एस.के. रंजन के नेतृत्व में दिवंगत दरोगा को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और उनके साथी जवानों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। पुलिस विभाग के साथियों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी के रूप में याद किया।




