06:16 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan Shubh Muhurat 2026: जानिए आज रात होलिका दहन का मुहूर्त
आज पूरे दिन भद्रा रहेगी लेकिन शास्त्रों के अनुसार भद्रा में होलिका दहन करना वर्जित होता है। हालांकि भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन कर सकते है। ऐसे में आज भद्रा का पुच्छकाल रात 11 बजकर 54 मिनट से लेकर रात्रि 01 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, जिसमें होलिका दहन कर सकते हैं।
05:27 PM, 02-Mar-2026
Holi 2026: क्या है होलिका की राख का महत्व ?
होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में होलिका दहन करने से पूजा का विशेष महत्व होता है। साथ ही होलिका दहन की राख को भी बहुत ही शुभ माना जाता है। होलिका दहन के बाद लोग इसकी राख को अपने घर ले जाते हैं, जहां पर मुख्य दरवाजे पर इसे लगाते हैं। मान्यता है इससे नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
03:59 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan 2026: होलिका दहन तिथि को लेकर भ्रम क्यों ?
इस वर्ष होलिका दहन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि 2 या 3 मार्च को कब होलिका दहन करना होगा शुभ। कई ज्योतिष के जानकार 2 मार्च को होलिका दहन करना ज्यादा शुभ और लाभकारी बता रहे हैं। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू हो जाएगी जो अगले दिन यानी 3 मार्च को शाम 5 बजकर 08 मिनट पर खत्म होगी। लेकिन भद्रा 2 मार्च को ही शाम 5 बजकर 28 मिनट पर लगेगी और यह रात 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों में होलिका दहन भद्रा में करना वर्जित माना जाता है। लेकिन अगर होलिका दहन के दिन पूरी रात भद्रा रहे तो भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन करना उचित रहेगा। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को भद्रा पुच्छ रात 11 बजकर 53 मिनट से लेकर रात्रि 01 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दौरान होलिका दहन करना शुभ रहेगा। वहीं 3 मार्च को चंद्रग्रहण लगेगा जिसमें होलिका दहन करना वर्जित रहता है।
03:11 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan Puja Samagri List: होलिका दहन में कौन-कौन सी चीजें जरूरी
होलिका दहन से पहले विधि-विधान से होलिका पूजन का विशेष महत्व होता है। पूजन के बाद ही होलिका दहन करना शुभ माना जाता है। अग्नि में कई चीजों को अर्पित करने का विधान होता है। होलिका दहन में विशेष सामग्रियों को अर्पित करने से जीवन में से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। होलिका दहन पर इन चीजों के जरूर करें अर्पित।
नारियल
धूप
रोली
गुलाल
अनाज
उपलों से बनी माला
सरसों का दान
पान और सुपारी
गेहूं और चने की बालियां
02:36 PM, 02-Mar-2026
Holika Dhahan Puja Vidhi 2026: होलिका दहन पूजा विधि
भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण कई ज्योतिष के जानकार, आज यानी 02 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ मान रहे हैं। होलिका दहन करने से पहले होलिका की पूजा करने का विशेष विधान होता है। होलिकी पूजन में सबसे पहले आपको रोली, अक्षत, गुड़, नारियल और बताशे अर्पित करें फिर होलिका को जल अर्पित करते हुए परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। इसके बाद अग्नि को प्रच्वलित करें।
02:06 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan 2026: होलिका दहन में इन चीजों को करें अर्पित
होलिका दहन में भगवान विष्णु और भक्त प्रह्रलाद की पूजा करें और अग्नि में जौं और गेहूं की बालियां को अर्पित करना बहुत ही शुभ फलदायी साबित होता है। नई फसल की आहुति देने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
01:44 PM, 02-Mar-2026
Holi 2026: रंगों वाली होली कब
इस बार होली पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। जिसके चलते होलिका दहन और फिर होली को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च को पड़ रहा है। चंद्र ग्रहण के लगने से पहले ही सूतककाल शुरू हो जाता है। सूतक काल का अच्छा नहीं माना जाता है। 3 मार्च को चंद्रग्रहण शाम को 6 बजकर 47 मिनट पर खत्म होगा। ऐसे में 4 मार्च 2026 को ही रंगों वाली होली खेली जाएगी।
01:08 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan Shubh Muhurat 2026: होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
इस बार होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा जिसके चलते होलिका दहन भद्रा पुच्छ काल में करना होगा। 02 मार्च को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 50 मिनट से लेकर 2 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। भद्रा पूरी रात रहेगी, ऐसे में भद्रा पुच्छ काल में ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत है।
12:49 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan Shubh Muhurat 2026: होलिका दहन में भद्रा का साया, फिर मुहूर्त कब ?
शास्त्रों में ऐसा विधान है कि होलिका पूजन और दहन पूर्णिमा तिथि, भद्रा रहित काल और प्रदोष व्यापिनी मुहूर्त में ही किया जाता है। लेकिन इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्रा की शुरूआत होगी और यह पृथ्वी लोक पर रहेगी। भद्रा 2 मार्च की शाम को 5 बजकर 18 मिनट से शुरू हो जाएगी जो 3 मार्च को सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। इस तरह 2 मार्च को पूरी रात भद्रा और पूर्णिमा तिथि का संयोग बना रहेगा। ऐसी स्थिति में शास्त्रों में बताया गया है भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है। भद्रा पुच्छ में शुभ कार्य हो सकते हैं लेकिन भद्रा मुख में वर्जित होता है।
12:27 PM, 02-Mar-2026
Holika Dahan Bhadra Kaal 2026: होलिका दहन पर रहेगा भद्रा का साया
शास्त्रों में भद्राकाल को अशुभ माना जाता है। इससें किसी भी तरह का शुभ काम करना वर्जित होता है। होलिका दहन हमेशा भद्रा रहित काल में करना शुभ और फलदायी माना जाता है। पंचांग के अनुसार भद्रा 02 मार्च को पूर्णिमा तिथि की शुरुआत के साथ ही शुरू हो जाएगी। 02 मार्च को को भद्रा शाम 5 बजकर 55 मिनट से लेकर 03 मार्च को सुबह 28 मिनट तक रहेगी। भद्रा पृथ्वी लोक रहेगी।




