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गया शहर में रंगों का महापर्व होली इस साल पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। आज शहर के विभिन्न मोहल्लों और चौक-चौराहों पर उत्सवी माहौल देखने को मिला। लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार का आनंद लिया। सुबह करीब 10 बजे से ही युवाओं और स्थानीय लोगों की टोलियां सड़कों पर उतर आईं। उन्होंने पारंपरिक अंदाज में मिट्टी और ‘कुर्ता फाड़’ होली खेलकर त्योहार की शुरुआत की। ढोल-नगाड़ों और होली गीतों की धुन पर लोग जमकर थिरके और एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाइयां दीं। रिश्तेदारों और पड़ोसियों को अबीर-गुलाल लगाया दोपहर होते-होते रंग और अबीर का दौर शुरू हो गया। लोगों ने घर-घर जाकर मित्रों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को अबीर-गुलाल लगाया। शाम के समय बड़ों के चरणों में अबीर अर्पित कर आशीर्वाद लेने की परंपरा निभाई गई। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोगों में त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखा गया। होली को लेकर बाजारों में भी सुबह से चहल-पहल रही। खासकर मछली और मटन की दुकानों पर लंबी कतारें देखी गईं। मिठाई और रंग-अबीर की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ रही, जिससे व्यापारियों में भी खुशी का माहौल था। जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पुलिस कप्तान सुशील कुमार के निर्देश पर शहर के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। जगह-जगह पुलिस गश्ती दल सक्रिय रहे, जिससे लोगों ने सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में होली का आनंद लिया। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। उत्सव का रंग अभी थमा नहीं है। गुरुवार को पानी वाली होली खेली जाएगी और शाम में पारंपरिक मटका फोड़ कार्यक्रम के साथ होली महोत्सव का विधिवत समापन होगा। कुल मिलाकर, गया में इस बार की होली आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश देती नजर आई।
गया में शांतिपूर्ण माहौल में मनी होली:लोगों ने धूमधाम से मनाया रंगों का पर्व, ढोल-नगाड़ों-गानों पर लोगों ने किया डांस
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