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सीवान शहर में ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई से जुड़े मुद्दे पर एक जुलूस निकाला गया। प्रशासन से सशर्त अनुमति मिलने के बाद यह जुलूस पुरानी किला मैदान से शुरू होकर मखदूम सराय मोड़ होते हुए गोपालगंज मोड़ तक पहुंचा। इसमें मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग बैनर और पोस्टर के साथ शामिल हुए।
जुलूस के दौरान पूरे मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पुलिस पदाधिकारी व दंडाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे। प्रशासन ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम के दौरान कोई भी भड़काऊ भाषण, अशोभनीय नारेबाजी या किसी समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधि नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन की कड़ी निगरानी में जुलूस निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा और संपन्न हुआ। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पुलिसकर्मी सक्रिय रहे, ताकि शहर में किसी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। अमेरिका और इजरायल के विरोध में की नारेबाजी
हालांकि, जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति की तस्वीर को सड़कों पर घसीटा गया और अमेरिका व इजरायल के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
मौजूद कुछ लोगों और आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। दरअसल, जुलूस निकालने के लिए प्रशासन से जो अनुमति ली गई थी, उसमें यह स्पष्ट शर्त थी कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और किसी प्रकार की नारेबाजी या भड़काऊ गतिविधि नहीं होगी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच यह जुलूस अंततः शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।




