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धनबाद के शुभम कुमार महतो ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 142वां रैंक हासिल किया है। बाघमारा प्रखंड के डुमरा जमुआटांड़ निवासी और बीसीसीएल कर्मी हीरालाल महतो के पुत्र शुभम की यह लगातार तीसरी सफलता है। शुभम ने बताया कि यूपीएससी के इंटरव्यू में उनसे झारखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रश्न पूछे गए। इनमें नक्सलवाद, राज्य की राजधानी के विकास और सरना कोड जैसे विषय शामिल थे। नक्सलवाद पर दिया यह जवाब
इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि झारखंड में नक्सलवाद का इश्यू क्यों है? जवाब में उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर तक सही ढंग से नहीं पहुंच पातीं, जिससे लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। ऐसी स्थिति में कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए ग्रामीणों को गुमराह करते हैं, जिससे नक्सलवाद को बढ़ावा मिलता है। राजधानी के विकास से जुड़े सवाल पर शुभम ने कहा कि झारखंड में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। राज्य में दूसरी राजधानी के रूप में दुमका को विकसित करने की बात चल रही है, जिससे सरकार की पहुंच दूर-दराज के इलाकों तक आसान हो सकेगी। इंटरव्यू के दौरान सरना कोड और धनबाद के कोयला खनन से जुड़े मुद्दों पर भी उनसे सवाल पूछे गए। शुभम का कहना है कि कठिन मेहनत, अनुशासन और धैर्य के बल पर ही सफलता हासिल की जा सकती है। दो बार के रैंक से संतुष्ट नहीं थे
शुभम ने इससे पहले उन्हें 2023 में 857वां और 2024 में 606वां रैंक मिला था, जिससे वे संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने बेहतर रैंक के लिए तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। इस सफलता से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शुभम अभी दिल्ली में इंडियन रेवेन्यू सर्विस में हैं। बीएचयू से बीटेक किया
शुभम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंद्रपुरा के डी-नोबिली स्कूल से 10वीं तक पूरी की। इसके बाद उन्होंने डीपीएस बोकारो से 12वीं की पढ़ाई की। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया, जहां वे गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद वे सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और धैर्य आवश्यक है।
नक्सलवाद से जुड़े सवाल का जवाब दे क्रेक किया UPSC:शुभम ने हासिल किया 142वां रैंक, लगातार तीसरी बार यूपीएससी में मिली सफलता
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