“कतर के अल उदैद एयर बेस के पास सुरक्षा अलर्ट मिलते हैं। फिर आसमान में तेज आवाज सुनाई देती है, बाद में धुआं दिखता है। कंपनी ने कैंप से बाहर निकलने पर रोक लगाई है।”
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ये कहना है कि अबु धाबी में काम कर रहे दरभंगा के राजू अली का।
दरअसल, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे दरभंगा के लोगों पर अब साफ दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में कामकाज ठप है।
कंपनियों ने कर्मचारियों को कैंप/आवास में ही रहने के निर्देश दिए हैं और कुछ जगहों पर एयर स्पेस अस्थायी रूप से बंद होने से उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
दरभंगा के 10 लोग मो सुल्तान, मो इरफान, मो तौसीफ, मो वसीम, मो राशिद, मो कमरे आलम, मो नूरुल हासा, मो शहीदुल रहमान, मो नसीम, मो दिलावर सहित कई अन्य लोग दुबई सहित अंलग-अलग देशों में नौकरी कर रहे थे।
खाड़ी देशों में रोजगार करते लोग
दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने सदरे आलम, जीशान अहमद, मो इरफान के साथ ही उनकी मां नसीमा खातून-भाई मो इरशाद, मो तौसीफ की मां हुस्न बानो, राजू अली,मो सुल्तान और उनके दोस्त मो. शरीफुर्रहमान होदा से बातचीत की है।
सिंहवाड़ा प्रखंड के भरवाड़ा, बस्तवाड़ा, निस्ता, बिरदीपुर, भपुरा, कोरौनी, राजो, शंकरपुर, कल्याणपुर, मनिहास समेत कई गांवों के लोग खाड़ी देशों में रोजगार करते हैं।
भपुरा निवासी सदरे आलम ने ऑनलाइन बातचीत में बताया कि दरभंगा व आसपास के एक लाख से अधिक लोग सऊदी, कुवैत, कतर, यूएई, बहरीन और जॉर्डन में काम करते हैं। हालिया घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में काम बंद कराया गया है।

युद्ध से हालात खराब है।
अमेरिकी अड्डे के पास अलर्ट जारी
कतर में रह रहे जीशान अहमद के अनुसार अमेरिकी अड्डे अल उदैद एयर बेस के आसपास अलर्ट जारी है; कई हमलों को इंटरसेप्ट किए जाने की सूचना है। “मोबाइल नेटवर्क कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, इसलिए घर वालों से बात करने में दिक्कत आई।
अबु धाबी में रह रहे एयर स्पेस प्रतिबंधों के कारण दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे घर लौटने की योजना बना रहे प्रवासियों की परेशानी बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर दुबई में बुर्ज खलीफा के आसपास इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन के मलबे और बहरीन की राजधानी मनामा में एक बहुमंजिला इमारत पर ड्रोन हमले से जुड़ा वीडियो सामने आया हैं।
वापसी के इंतजार में है परिवार
मो तौफीक (22), काजी मोहल्ला, सिंहवाड़ा- छह महीने पहले दुबई गए। पांच भाइयों में वही विदेश में कमाकर परिवार चलाते हैं। परिवार लगातार संपर्क में है, लेकिन वापसी को लेकर असमंजस है।
मो इरफान (32), शादीशुदा- 14 जनवरी 2026 को दुबई पहुंचे। पत्नी गांव में रहती हैं।
उड़ानों की अनिश्चितता से परिवार चिंतित
गोरखपुर के रहने वाले तजुद्दीन मुजीर आलम शेख की 27 मार्च 2026 को शादी तय है। 21 मार्च का टिकट अबु धाबी- दिल्ली और फिर दिल्ली से गोरखपुर तक का कटा है। दोस्त दरभंगा निवासी मो सुल्तान के साथ आने वाले थे। उड़ानों की अनिश्चितता से परिवार चिंतित है।
खाड़ी में जारी तनाव का असर सीधे तौर पर रोजगार पर पड़ा
खाड़ी में जारी तनाव का असर सीधे तौर पर रोजगार और आवाजाही पर पड़ रहा है। सिंहवाड़ा और आसपास के गांवों में परिवारजन हर कॉल का इंतजार कर रहे हैं—दुआ यही है कि हालात जल्द सामान्य हों और प्रवासी सुरक्षित घर लौट सकें।
दुबई में रह रहे इरफान की मां नसीमा खातून ने बताया कि उनका बेटा मोहम्मद इरफान करीब दो महीने पहले ही काम के सिलसिले में बाहर गया है। वह रोज अपने बेटे से बात करती हैं। उन्होंने कहा कि बेटा फिलहाल घर आने की बात नहीं कर रहा है और फोन पर यही कहता है कि वह सुरक्षित है।

इरफान के भाई मो इरशाद ने बताया कि उनके मंझले भाई विदेश में रहते हैं और उनसे नियमित रूप से व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि वहां सामान्य स्थिति बनी हुई है।उन्होंने हमें बताया है कि घबराने की कोई बात नहीं है। परिवार के लोग शुरू में चिंतित थे, लेकिन भाई से लगातार संपर्क में रहने के कारण अब सभी निश्चिंत हैं।
तौफीक की मां हुस्न बानो ने बताया कि उनका एक बेटा रोज़गार के लिए दुबई में रह रहा है। उन्होंने कहा कि बेटा फोन पर सारी बातें बताता है।रात में भी बेटे से बात हुई थी और फिलहाल वह सुरक्षित है। मेरे पांच बेटे हैं, जिनमें से चार मेरे पास रहते हैं, जबकि एक बेटा विदेश में रहकर काम करता है। हालात को लेकर डर और चिंता तो है, लेकिन बेटे से लगातार संपर्क में रहने से कुछ हद तक राहत मिलती है।

कुछ ही दूरी पर गिरी मिसाइल
सुल्तान के दोस्त मो. शरीफुर्रहमान होदा ने बताया कि उनका दोस्त इस समय दुबई में रह रहा है और उससे रोज व्हाट्सएप पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर वहां डर का माहौल है। मिसाइल हम लोगों के ठिकाने से कुछ दूरी पर गिरी रही है। दोस्त बता रहा था कि वे लोग काफी डरे हुए हैं। पिछले दो दिनों से छुट्टी कर दी गई है और लोग घरों में ही रह रहे हैं।”
विदेश में रहने वाले लोग रोज़गार के लिए जाते हैं, लेकिन इस तरह की स्थिति में वे काफी परेशान हो जाते हैं। खासकर तब जब परिवार में शादी या कोई आपात स्थिति हो और उन्हें भारत आना हो।

लोग अपनी आंखों से मिसाइल गिरते हुए देख रहे हैं।
ईद के एक दिन बाद दोस्त की शादी
शरीफुर्रहमान ने बताया कि उनके दोस्त का 22 मार्च का टिकट भारत आने के लिए कटा हुआ है। ईद के एक दिन बाद उसके एक दोस्त की शादी है, जिसमें शामिल होने के लिए वह आने वाला था। लेकिन अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो उसके आने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस जंग को रोकने और हालात सामान्य कराने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास किया जाए, ताकि विदेश में रह रहे भारतीय सुरक्षित रहें और बिना डर के अपने देश आ-जा सकें।
अबू धाबी में रह रहे मो इरफान ने वीडियो कॉल पर बताया कि मौजूदा हालात के कारण वहां भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि लगभग हर रात 2:00 से 2:30 बजे के बीच अलार्म बजता है, जिसके बाद सभी लोगों को अपने कमरे छोड़कर बाहर निकलना पड़ता है।
इरफान के अनुसार, “ऊपर से मिसाइल गुजरती हुई दिखाई देती है। आंखों से साफ नजर आता है, इसलिए डर लगता है। फिलहाल हम लोग सुरक्षित हैं, लेकिन जो रहने की जगह मिली है वह ज्यादा मजबूत नहीं है, इसलिए कमरे में रहना भी सुरक्षित नहीं लगता। करीब 3000 लोग पूरे कैंप में रह रहे हैं। कुछ लोग खुले मैदान में जाने से मना करते हैं, लेकिन कमरे की स्थिति कमजोर होने के कारण लोग बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं।

खाड़ी देशों में युद्ध के हालात है।
इरफान ने कहा कि कुछ लोगों ने हालात के वीडियो भी बनाए थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर वीडियो डालने से मना किया गया है। जिन लोगों ने वीडियो पोस्ट किए थे, उन्हें नोटिस देकर डिलीट करने को कहा गया। इन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी संभावित खतरे की जानकारी मिले, तो वहां रह रहे भारतीयों को सुरक्षित भारत बुलाने की व्यवस्था की जाए।




