लाइसेंस लेने में भी आगे, अब तक 21000 महिलाओं ने लिया डीएल रांची व राज्य में महिला उद्यमिता जहां प्रति वर्ष लगभग 20% बढ़ रही है, वहीं पिछले पांच साल में 21,529 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया, यानी औसतन 4,306 महिलाएं प्रति वर्ष विभिन्न वाहनों के लिए सक्षम हुईं। ड्राइविंग लाइसेंस केवल वाहन चलाने का अधिकार नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, रोजगार और व्यक्तिगत सशक्तिकरण का प्रतीक है। यह दिखाता है कि झारखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। रांची| रांची में महिला उद्यमिता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ रही है और यह सिर्फ संख्या में ही नहीं, बल्कि लोन लेने और व्यवसाय में निवेश के मामले में भी साफ दिखाई दे रहा है। 30 सितंबर 2025 तक 211,379 महिला उद्यमियों के खातों में 621 करोड़ रुपए का लोन वितरित किया गया। इसी वित्त वर्ष के सितंबर तक 66,000 खातों में 135 करोड़ रुपए का लोन महिलाओं को प्रदान किया गया। पूरे झारखंड में महिलाओं ने पिछले साल की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक लोन लिया है। यह साफ संकेत है कि महिलाएं विभिन्न व्यवसायों में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं और बैंक उन्हें भरोसेमंद मानकर वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। झारखंड चैंबर की बैंकिंग कमेटी चेयरपर्सन निधि झुनझुनवाला के अनुसार, रांची में महिला उद्यमी प्रति वर्ष लगभग 20 प्रतिशत बढ़ी हैं। पूरे झारखंड में कुल 15.37 लाख एमएसएमई हैं। राज्य सरकार और बैंक महिला उद्यमियों को विभिन्न प्रकार से प्रोत्साहित कर रहे हैं। महिलाएं व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी योजनाओं और बैंक लोन का लाभ उठा रही हैं, और उनका डिफॉल्ट रेट काफी कम होने के कारण बैंक उन्हें आसानी से लोन प्रदान कर रहे हैं।
शहर में 20% की दर से बढ़ रहीं महिला उद्यमी, बैंक भी दे रहे लोन
Date:




