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गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में जंगली भालू के हमले से दहशत का माहौल बन गया है। अलग-अलग घटनाओं में दो लोग घायल हो गए हैं। पहली घटना देवाकी कुसुम टोली गांव में हुई, जहां विष्णु उरांव भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि विष्णु उरांव सुबह घर से खेत की ओर जा रहे थे, तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। विष्णु ने साहस दिखाते हुए भालू का मुकाबला किया। इस दौरान भालू के गिरने पर वे किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया हमले के बाद विष्णु उरांव को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से 108 एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा लाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। अस्पताल के एक गार्ड ने बताया कि सुबह एक भालू घाघरा पुटो रोड की ओर से अस्पताल परिसर में भी पहुंच गया था। गार्ड ने किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई और शोर मचाने पर भालू वहां से भाग गया। लोगों का अनुमान है कि यही वही भालू हो सकता है जिसने विष्णु उरांव पर हमला किया था। घर के दरवाजे पर दूसरे को किया घायल इसी दौरान दूसरी घटना लफसर गांव में सामने आई, जहां जितेंद्र चिक बड़ाइक पर भी भालू ने हमला कर दिया। जितेंद्र ने बताया कि वह सुबह करीब सात बजे अपने घर के बाहर दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान अचानक भालू वहां पहुंच गया और उन पर हमला कर दिया। हमले से घबराए जितेंद्र किसी तरह घर के अंदर घुसकर दरवाजा बंद करने में सफल रहे, जिससे भालू घर के अंदर नहीं आ सका और कुछ देर बाद वहां से चला गया। गांव में दहशत, वन विभाग से मदद की आस जितेंद्र को भी परिजनों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा लाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हमला करने वाला भालू अभी भी आसपास के इलाके में घूम रहा है, जिससे लोगों में डर का माहौल है। घाघरा मुख्यालय और आसपास के गांवों में भालू के हमलों की चर्चा से लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर भालू को पकड़ने या जंगल में खदेड़ने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।
गुमला में भालू ने दो लोगों को किया घायल:एक को खेत जाते वक्त तो दूसरे को घर के दरवाजे पर दबोचा, गांव में दहशत
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