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राज्य में अपराधियों और उग्रवादियों से सख्ती से निपटने के लिए झारखंड पुलिस ने नई तैयारी शुरू कर दी है। अब पुलिस हाई स्पीड बाइक पर सवार होकर अपराधियों का पीछा करेगी। राज्य के 24 जिलों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और फीचर्स से लैस 849 बाइक आवंटित की गई हैं। इनमें रांची पुलिस को 73 बाइक मिली हैं। इन बाइकों के जरिए पुलिस उन संकीर्ण गलियों और मोहल्लों में भी पेट्रोलिंग कर सकेगी, जहां तक पहले जीप और कार नहीं पहुंच पाती थीं। 160 सीसी के पावरफुल इंजन, 5-स्पीड गियरबॉक्स और तेज एक्सीलरेशन वाली इन बाइकों का इस्तेमाल अब शहर में अपराध कर भागने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए किया जाएगा। बाइकों में ऑयल-कूल्ड इंजन की सुविधा भी है, जिससे लंबी दूरी तक तेज रफ्तार में पीछा किया जा सकता है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को ये बाइक आवंटित कर दी हैं, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। 125 सीसी बाइक से नहीं मिलती थी सफलता झारखंड पुलिस के पास पहले से 125 सीसी की बाइक उपलब्ध थीं, जिनका इस्तेमाल अपराधियों और उग्रवादियों को पकड़ने में किया जाता था। लेकिन कई मामलों में अपराधी हाई स्पीड बाइक से भाग निकलते थे। तत्कालीन एसएसपी चंदन सिन्हा ने अपराधियों से निपटने के लिए 150 सीसी की 100 बाइक मंगाई थीं, जिनका इस्तेमाल रांची पुलिस पहले से कर रही है। हालांकि यह संख्या पर्याप्त नहीं थी, इसलिए अब 160 सीसी की नई बाइक उपलब्ध कराई गई हैं। नई बाइक से पुलिस को इन मामलों में मदद मिलेगी: चेन और मोबाइल स्नैचरों का पीछा करने में आसानी होगी। संकीर्ण गलियों और मोहल्लों में भी पुलिस टीम तुरंत पहुंच सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बाइक से तुरंत मौके पर पहुंच पाएगी। जिलों को आवंटित बाइक बोकारो–53
चाईबासा–47
चतरा–22
देवघर–39
धनबाद–45
दुमका–28
गढ़वा–29
गिरिडीह–39
गोड्डा–33
गुमला–29
हजारीबाग–42
जमशेदपुर–89
जामताड़ा–18
खूंटी–12
कोडरमा–21
लातेहार–15
लोहरदगा–19
पाकुड़–18
पलामू–36
रामगढ़–19
रांची–73
साहिबगंज–27
सिमडेगा–28
हेडक्वार्टर–42 बाइक के प्रमुख फीचर्स पावरफुल इंजन: पुलिस को उपलब्ध कराई गई बाइक 160 सीसी की हैं, जिनका इंजन काफी पावरफुल है। राइडिंग मोड्स: इन बाइकों से शहरी इलाकों के साथ-साथ बारिश और अलग-अलग परिस्थितियों में भी आसानी से चलाया जा सकता है। फीचर्स: इनमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, गियर शिफ्ट इंडिकेटर, रेस-ट्यून्ड स्लिपर क्लच और 5-स्पीड गियरबॉक्स की सुविधा है। डिजाइन और हैंडलिंग: आक्रामक लुक, एलईडी हेडलाइट और बेहतर सस्पेंशन के कारण इनकी हैंडलिंग भी बेहतर है। पहले ये दिक्कतें आती थीं अपराधियों का पीछा करने में पुलिस को परेशानी होती थी। संकीर्ण गलियों में पुलिस को पैदल जाना पड़ता था। कई बार पुलिस के पहुंचने से पहले ही बदमाश भाग निकलते थे। पुरानी गाड़ियों की स्थिति भी खराब हो चुकी थी।
अब हाई स्पीड बाइक से झारखंड पुलिस की पेट्रोलिंग, रांची को मिली 73 बाइक
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