Sunday, June 21, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

हर दिन जारी हो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट, नाम काटने के कारण बताये इलेक्शन कमीशन : टीएमसी

हर दिन जारी हो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट, नाम काटने के कारण बताये इलेक्शन कमीशन : टीएमसी

TMC To ECI: ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाये हैं. पार्टी का दावा है कि पिछले 4 महीनों में प्रक्रियागत खामियों, ड्राफ्ट रोल में गड़बड़ी और अंतिम मतदाता सूची में विसंगतियों के कारण लाखों मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ है. पार्टी ने कहा है कि 63 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काट दिये गये हैं, जबकि लगभग 60 लाख मामले अभी भी लंबित हैं.

17 बिंदुओं पर टीएमसी ने जतायी है आपत्तियां

  • अधिकारों का अवैध हस्तांतरण : ईआरओ (ERO) की कानूनी शक्तियों को जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को देना नियमों के खिलाफ है.
  • माइक्रो-ऑब्जर्वर्स का हस्तक्षेप : माइक्रो-ऑब्जर्वर्स को ईआरओ के फैसलों को बदलने का अवैध अधिकार दिया गया.
  • ईआरओ की शक्तियों पर रोक : पोर्टल पर ‘एक्शन’ का विकल्प बंद कर दिया गया, जिससे ईआरओ दस्तावेजों की जांच नहीं कर सके.
  • अनौपचारिक संचार : महत्वपूर्ण निर्देश व्हाट्सएप और मौखिक रूप से दिये गये, जो पारदर्शिता के विरुद्ध है.
  • अपारदर्शी पोर्टल बदलाव : पोर्टल पर श्रेणियों के नाम बिना बताये बदल दिये गये, जिससे हेरफेर की आशंका बढ़ी.
  • मान्य दस्तावेजों को नकारना : ईसीआई (ECI) के दिशा-निर्देशों के बावजूद सरकारी दस्तावेजों को अस्वीकार करने के मौखिक आदेश दिये गये.
  • अदालती आदेशों का उल्लंघन : आवास योजना (PMAY) जैसे कोर्ट द्वारा मान्य दस्तावेजों को भी स्वीकार नहीं किया गया.
  • लॉगिन आईडी का दुरुपयोग : अधिकारियों की लॉगिन आईडी का दूर बैठे अन्य स्थानों से गलत इस्तेमाल किया गया.
  • तकनीकी खामियां : ईसीआई-नेट (ECINet) पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण दस्तावेज धुंधले या गायब हो गये.
  • अव्यावहारिक समयसीमा : हजारों दस्तावेजों की जांच के लिए केवल 5 दिन का समय दिया गया.
  • निजी एजेंसी का उपयोग : सर्वे के लिए निजी एजेंसी का इस्तेमाल डेटा गोपनीयता और तटस्थता पर सवाल उठाता है.
  • बिना प्रक्रिया के नाम काटना : अनुपस्थित या मृत बताकर बिना सत्यापन के बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाये गये.
  • नामों की त्रुटि पर उत्पीड़न : उपनाम या स्पेलिंग की मामूली गलतियों के लिए लाखों लोगों को नोटिस भेजकर परेशान किया गया.
  • आधार कार्ड पर दोहरे मापदंड : आधार को पहचान के रूप में स्वीकार करने के लिए बंगाल के लिए अलग और कठिन नियम बनाये गये.
  • सांख्यिकीय विसंगति : प्राप्त आपत्तियों (Form-7) से 13 गुना अधिक नाम (63 लाख+) काट दिये गये.
  • लिंगानुपात में गिरावट : मतदाता सूची में महिलाओं का अनुपात अचानक कम होना (968 से 956) गड़बड़ी का संकेत है.
  • जनप्रतिनिधियों पर प्रभाव : राज्य के कैबिनेट मंत्री और कई विधायकों के नाम भी जांच के दायरे में डाल दिये गये या काट दिये गये.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

चुनाव आयोग से AITC की प्रमुख मांगें

  • ईआरओ (EROs) को उनकी पूरी कानूनी शक्तियां तुरंत वापस दी जायें.
  • व्हाट्सएप और मौखिक रूप से दिये गये सभी अनौपचारिक निर्देश रद्द हों.
  • 63 लाख से अधिक नाम काटने का स्पष्ट कारण और विवरण दिया जाये.
  • रिमोट लॉगिन और पोर्टल विफलताओं की स्वतंत्र ऑडिट (जांच) करायी जाये.
  • रोजाना सप्लीमेंट्री लिस्ट सार्वजनिक की जाये और नाम को अस्वीकार करने यानी डिलीट करने का लिखित कारण दिया जाये.

इसे भी पढ़ें

इलेक्शन कमीशन पर लीगल ग्रे जोन बनाने, डिजिटल फ्रॉड और राज्य-प्रायोजित उत्पीड़न के माकपा ने लगाये आरोप

निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में होंगे बंगाल विधानसभा चुनाव, बोले ज्ञानेश कुमार

भाजपा ने 85% से अधिक वोट या हिंसा वाले केंद्रों पर क्यों की एक्स्ट्रा सिक्यूरिटी की मांग?

बंगाल वोटर लिस्ट विवाद : सुप्रीम कोर्ट में ‘महासुनवाई’, नाम कटने के डर से महिला ने दी जान!

The post हर दिन जारी हो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट, नाम काटने के कारण बताये इलेक्शन कमीशन : टीएमसी appeared first on Prabhat Khabar.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles