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लोन मिलने में देरी के कारण अटकी राशि
धान खरीद में किसानों से किया वादा झारखंड सरकार नहीं निभा सकी। खरीद शुरू होने से पहले सरकार ने वादा किया था कि किसानों को 48 घंटे से लेकर सात दिन के भीतर एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। यह पहली बार था, जब एकमुश्त भुगतान करने की बात कही गई। शुरुआत में तो सबकुछ ठीक चला। लेकिन आखिरकार मामला अटक गया। अब किसानों का करीब एक महीने से 201.44 करोड़ रुपए बकाया है। किसानों ने अब तक जो धान बेचा है, उसके लिए सरकार को करीब 787 करोड़ रुपए का भुगतान करना था। इनमें से अब तक 586 करोड़ रुपए का ही भुगतान हुआ। हालांकि जिलों के पास अब भी धान खरीद मद में 3.85 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। इसके बावजूद भुगतान नहीं हो रहा है। दरअसल किसानों के भुगतान के लिए झारखंड राज्य खाद्य निगम ने पंजाब नेशनल बैंक से 1000 करोड़ रुपए का लोन लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन लोन मिलने में देरी के कारण ऐसी स्थिति बन गई। अधिकारियों का कहना है कि अब दो-तीन दिन के भीतर लोन स्वीकृत होने की उम्मीद है। 54% हुई है धान की खरीदारी
राज्य में इस बार धान की खरीदारी का लक्ष्य 60 लाख क्विंटल रखा गया है। इस लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 54% धान की खरीदारी हुई है। राज्य का एक मात्र जिला गढ़वा एेसा है जहां लक्ष्य से ज्यादा धान की खरीदारी हो पाई है। गढ़वा जिले में 2.50 लाख क्विंटल धान खरीदारी का लक्ष्य तय किया गया था। यहां लक्ष्य से 711 क्विंटल ज्यादा की खरीद हो चुकी है। इसके अलावा हजारीबाग जिला भी लक्ष्य के निकट पहुंच गया है। वहां पर लक्ष्य के विरुद्ध 90% धान की खरीदारी हो चुकी है। इसी तरह से पलामू में लक्ष्य के विरुद्ध 68%, रांची और चतरा में लक्ष्य के विरुद्ध 66% धान की खरीदारी हुई है। सबसे खराब स्थिति पश्चिमी सिंहभूम की है। जहां लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 24% धान की खरीदारी हुई है। 16 मार्च से शुरू होगा बकाया भुगतान
किसानों को अब तक 586 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है। कुछ राशि अब भी जिलों में पड़ी हुई है। निगम का लोन स्वीकृत होने वाला है। जिन किसाननों की राशि बकाया है, उनका 16 मार्च से भुगतान शुरू हो जाएगा। -सत्येंद्र कुमार, प्रबंध निदेशक, झारखंड राज्य खाद्य निगम किस जिले के किसानों का कितना बकाया (करोड़ में)
धान खरीद में किसानों से किया वादा अधूरा:सात दिन में करना था भुगतान, एक माह बाद भी 201.44 करोड़ बकाया
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