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कैमूर के चैनपुर प्रखंड के भदौरा गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहां कुएं में गिरने से 10 साल एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बच्ची मंगलवार दोपहर से ही लापता थी। परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह गांव के एक कुएं में उसका शव उपलाता हुआ मिला। मृतका की पहचान भदौरा गांव निवासी राजेश बिंद की 10 साल की बेटी खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। मंगलवार दोपहर से ही लापता थी खुशबू परिजनों के अनुसार खुशबू मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घर के आसपास खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटी, तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। परिजनों ने पहले आसपास के घरों, गलियों और खेत-खलिहानों में उसकी तलाश की, लेकिन कहीं उसका कोई पता नहीं चला। धीरे-धीरे गांव के अन्य लोग भी इस खोजबीन में शामिल हो गए। रातभर ग्रामीणों ने की तलाश खुशबू के लापता होने की खबर पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद ग्रामीण टोलियों में बंटकर अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश करने लगे। गांव के आसपास के खेत, बगीचे और सुनसान स्थानों पर भी खोजबीन की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान कुछ लोगों को आशंका हुई कि कहीं बच्ची गांव के पास स्थित कुएं में तो नहीं गिर गई। इसके बाद ग्रामीणों ने कुएं में कांटे और अन्य साधनों की मदद से काफी देर तक तलाश की। हालांकि मंगलवार को कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बुधवार सुबह कुएं में उपलाता मिला शव बुधवार सुबह जब कुछ ग्रामीण फिर से उस कुएं के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पानी के ऊपर एक शव तैर रहा है। यह देखते ही वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही खुशबू के परिजन भी वहां पहुंच गए। कुएं में बच्ची का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की मदद से निकाला गया शव ग्रामीणों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर बच्ची के शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव पुलिस की मौजूदगी में शव को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। मासूम की मौत से गांव में मातम खुशबू की असामयिक मौत से उसके माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोग लगातार रो-रोकर बदहवास हैं। आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार खुशबू एक चंचल और मिलनसार स्वभाव की बच्ची थी। वह गांव के अन्य बच्चों के साथ अक्सर खेलती-कूदती रहती थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि खेलते-खेलते वह इस तरह की दुर्घटना का शिकार हो जाएगी। खुले कुओं को लेकर उठे सवाल इस घटना के बाद गांव में खुले कुओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में कई पुराने कुएं बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े हैं, जो बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कुओं को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल खुशबू की मौत से भदौरा गांव में शोक का माहौल है। मासूम की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोग यही कह रहे हैं कि अगर समय रहते उसका पता चल जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
कुएं में गिरने से 10 साल की बच्ची की मौत:कैमूर में एक दिन पहले से थी लापता, पानी में उपलाता मिला शव
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