Dwidadash Rajyog 2026: 15 मार्च को ग्रहों के राजा सूर्य कुंभ राशि से मीन राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मीन राशि में स्थित सूर्य, मंगल की दृष्टि से दूसरे भाव में होंगे क्योंकि उस समय मंगल ग्रह कुंभ राशि में विद्यमान रहेंगे। दूसरी ओर, मंगल की स्थिति को सूर्य का बारहवां भाव माना जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य और मंगल के एक-दूसरे से दूसरे और बारहवें भाव में स्थित होने के कारण, 15 मार्च को द्विद्वादश योग का निर्माण होगा। यह विशेष योग कभी-कभी कुछ राशियों के लोगों के जीवन में चुनौतियां, मानसिक तनाव या अस्थिरता ला सकता है। आइए जानते हैं कौन सी राशियों को इस दौरान सावधान रहने की आवश्यकता है।
Chaiti Chhath 2026: कब से शुरू है चैती छठ? जान लें नहाय खाय से लेकर उषा अर्घ्य तक की तिथियां
Kharmas 2026: मार्च में कब से लग रहा है खरमास? जानें कब से लगेगा विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोक

2 of 4
आपको आर्थिक मामलों में भी सावधान रहने की आवश्यकता है।
– फोटो : amar ujala
कन्या राशि
सूर्य-मंगल द्वारा निर्मित यह द्विद्वादश योग कन्या राशि वालों के जीवन में प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। विशेष रूप से इस दौरान वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। अपने जीवनसाथी से बात करते समय संयम बनाए रखने की आवश्यकता है। छोटी-छोटी बातें बड़े विवादों का रूप ले सकती हैं, इसलिए स्थिति को धैर्यपूर्वक संभालने का प्रयास करें। इसके अलावा आपको आर्थिक मामलों में भी सावधान रहने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्चों से बचें। मित्र या सहकर्मी चुनते समय आपको सचेत रहने की आवश्यकता है।

3 of 4
पारिवारिक मामलों कि बात करें तो वहां तनाव की स्थिति बनी रह सकती है।
– फोटो : amar ujala
तुला राशि
तुला राशि के छात्रों का इस दौरान पढ़ाई में मन कम लगेगा। जिस वजह से शैक्षणिक जीवन में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। सूर्य इस दौरान आपके अंतर्मन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि आप अपने शत्रुओं पर तो विजय प्राप्त कर सकते हैं लेकिन पारिवारिक मामलों कि बात करें तो वहां तनाव की स्थिति बनी रह सकती है। अपने करियर या व्यवसाय में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले सावधानीपूर्वक विचार कर लें। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय बाद में समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।

4 of 4
वित्तीय मामलों को साझा करते समय सावधानी बरतें।
– फोटो : amar ujala
मीन राशि
मीन राशि मेंके जातकों के लिए 15 मार्च से शुरू होने वाली अवधि उतार-चढ़ाव वाली हो सकती है। इस अवधि के दौरान अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना अत्यंत आवश्यक है। अपने उग्र स्वभाव को आपको नियंत्रण में रखना होगा, अन्यथा समाज में आपकी प्रतिष्ठा धूमिल हो सकती है। जो लोग वर्तमान में रोजगार की तलाश में हैं उन्हें अधिक मेहनत करने की आवश्यकता पड़ सकती है। दूसरों पर अत्यधिक भरोसा करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अतः दूसरों के साथ व्यक्तिगत या वित्तीय मामलों को साझा करते समय सावधानी बरतें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।




