बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव कुमार ने शुक्रवार को कटिहार सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण की शुरुआत मरीज पंजीकरण काउंटर से हुई, जहां अपर सचिव ने पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने भव्या पोर्टल के माध्यम से हो रहे ऑनलाइन पंजीकरण की समीक्षा भी की और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इसके बाद, उन्होंने दवा वितरण केंद्र का दौरा किया। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाएं सभी जरूरतमंद मरीजों तक बिना किसी बाधा के पहुंचें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दवा के लिए किसी भी मरीज को परेशान नहीं होना पड़े। साफ-सफाई और सुविधाओं का जायजा लिया अपर सचिव ने प्रसव कक्ष, नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) और शल्य चिकित्सा कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन विभागों में साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि चिकित्सकों की ड्यूटी सूची की नियमित रूप से जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी डॉक्टर समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। अपर सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी स्थिति में एक्सपायर दवाएं नहीं रखी जानी चाहिए; उनका विभागीय नियमों के अनुसार तत्काल निस्तारण किया जाए। इस निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह, डीपीएम डॉ. किसलय कुमार, उपाधीक्षक डॉ. आशा शरण, अस्पताल प्रबंधक चंदन कुमार सिंह सहित कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
अपर सचिव ने कटिहार सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया:दवा वितरण और ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली की समीक्षा की
बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव कुमार ने शुक्रवार को कटिहार सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण की शुरुआत मरीज पंजीकरण काउंटर से हुई, जहां अपर सचिव ने पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने भव्या पोर्टल के माध्यम से हो रहे ऑनलाइन पंजीकरण की समीक्षा भी की और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इसके बाद, उन्होंने दवा वितरण केंद्र का दौरा किया। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाएं सभी जरूरतमंद मरीजों तक बिना किसी बाधा के पहुंचें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दवा के लिए किसी भी मरीज को परेशान नहीं होना पड़े। साफ-सफाई और सुविधाओं का जायजा लिया अपर सचिव ने प्रसव कक्ष, नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) और शल्य चिकित्सा कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन विभागों में साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि चिकित्सकों की ड्यूटी सूची की नियमित रूप से जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी डॉक्टर समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। अपर सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी स्थिति में एक्सपायर दवाएं नहीं रखी जानी चाहिए; उनका विभागीय नियमों के अनुसार तत्काल निस्तारण किया जाए। इस निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह, डीपीएम डॉ. किसलय कुमार, उपाधीक्षक डॉ. आशा शरण, अस्पताल प्रबंधक चंदन कुमार सिंह सहित कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।


