Saturday, May 2, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

जिले के 20 स्कूलों में पेयजल नहीं, विद्यार्थी घर से ला रहे हैं पानी


भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले के 20 विभिन्न सरकारी स्कूलों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इन स्कूलों के 2427 विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालयों में ड्राई जोन, बोरिंग धंसने, बोरिंग सूख जाने की समस्या के साथ-साथ कई जगहों पर चापानल भी नहीं लगाए गए हैं। जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी के कारण बच्चों को प्यास बुझाने के लिए स्कूल से बाहर जाना पड़ता है, वहीं मध्याह्न भोजन बनाने के लिए भी स्कूलों को गांव के चापानलों या जलमीनार पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इन स्कूलों में सबसे अधिक समस्या रंका प्रखंड में देखी जा रही है, जहां 11 विद्यालयों में पानी की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा बड़गड़ प्रखंड के चार, चिनियां प्रखंड के दो तथा विशुनपुरा, रमकंडा और बंशीधर नगर प्रखंड के एक-एक स्कूल में भी पेयजल का संकट बना हुआ है। विद्यालयों की स्थिति यह है कि बच्चे किसी तरह आसपास के घरों या गांव के चापानलों से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। इससे उपस्थिति पर भी असर देखी जा रही है। अब गर्मी के मौसम में बच्चों को पेयजल के लिए समस्याएं झेलनी पड़ेगी। रंका प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कंचनपुर में तो पिछले करीब 20 वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है। यह इलाका ड्राई जोन में आता है, जिसके कारण यहां बोरिंग से पानी नहीं निकलता। पंचायत की राशि से विद्यालय में एक जलमीनार भी लगाया गया था, लेकिन वह भी खराब होकर बेकार पड़ा हुआ है। इस विद्यालय में कुल 103 बच्चों का नामांकन है, जिनमें से करीब 85 प्रतिशत बच्चे नियमित रूप से स्कूल आते हैं। इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा के रूप में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिन विद्यालयों में पानी की समस्या है उनमें रंका प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कंचनपुर, उत्क्रमित प्राथमिक कबीरदास नगर खपरो, उत्क्रमित प्राथमिक बुढियाडेरा बरदरी, उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय गोदरमाना, एनपीएस दक्षिण टोला भौंरी, यूपीएस टेडी महुआ, एनपीएस निमियां टीकर होन्हेकला, उत्क्रमित प्राथमिक उरांव टोला खुरा, एनपीएस कुपा टोला, उत्क्रमित प्राथमिक अंबाटांड़ नगरी, यूपीएस पाल्हे, एनपीएस चफला, एनपीएस तेतरिया टोला, उत्क्रमित प्राथमिक दुबियाही, उत्क्रमित प्राथमिक कोरवा टोला हेसातु, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुटकी, प्राथमिक विद्यालय सरुअत, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सारंग बटुआ, उत्क्रमित उच्च विद्यालय गरबांध और उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सबाने शामिल हैं। विभाग को समस्या बताई गई है : डीईओ इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने बताया कि विद्यालयों में पेयजल की समस्या से स्टेट को अवगत कराया गया है। साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भी पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग से जल्द ही राशि मिलने की संभावना है, जिसके बाद प्रभावित स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। बच्चों ने बताई परेशानी विद्यालय के बच्चों ने भी अपनी परेशानी जाहिर की। पांचवीं कक्षा के छात्र ध्रुव कुमार ने बताया कि वह रोज घर से एक बोतल पानी लेकर स्कूल आते हैं। पानी खत्म हो जाने के बाद उन्हें आसपास के घरों में जाकर पानी मांगना पड़ता है। कई बार ऐसा भी होता है कि पानी नहीं मिल पाने पर प्यासे ही रहना पड़ता है। वहीं चौथी कक्षा की छात्रा नंदनी कुमारी ने कहा कि वह भी घर से एक बोतल पानी लेकर स्कूल आती हैं और उसी से दिन भर काम चलाने की कोशिश करती हैं। जरूरत पड़ने पर गांव में जाकर पानी लाना पड़ता है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles