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राज्यपाल बनाने के झांसे में 10 लाख की ठगी का शिकार अनीता मिश्रा शिक्षिका हैं। उनके बेटे को भी हीरो बनाने का झांसा दिया गया था। शिक्षिका ने यह आरोप युवराज प्रताप सिंह नाम के युवक पर लगाया है। राजीव नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों से भी ठगी की है। अनीता मिश्रा ने बताया कि युवराज ने कई लोगों को ठगा है। उन्होंने करीब साढ़े तीन लाख रुपए युवराज के खाते में दिए हैं। शेष रुपए उसने कैश में लिये। पुलिस युवराज के नाम-पता का सत्यापन कर रही है। युवराज ने जिस बैंक अकाउंट में पैसे लिए थे, उसकी डिटेल संबंधित बैंक से मांगी है। कई बार कराया इंटरव्यू : अनीता मिश्रा ने कहा कि जालसाज ने उन्हें एक पार्टी के अध्यक्ष का नाम लेकर झांसा दिया आैर बताया कि शाहनवाज व अशोक पीए हैं। कई बार दोनों कथित पीए के मोबाइल से एक व्यक्ति से बात कराई गई। अनीता ने कहा कि बात करने वाले व्यक्ति की आवाज हूबहू उक्त बड़े नेता के जैसी थी, इस कारण झांसे में आ गई। शातिर ने उस नेता से मुलाकात के लिए शिमला चलने को कहा। वहां पहुंचने पर युवराज ने अनीता से कहा कि नेताजी की तबीयत अचानक खराब हो गई है और वह नहीं आए हैं। अनीता के मुताबिक शातिर ने कई बार उनका ऑनलाइन इंटरव्यू कराया और कहा कि यह इंटरव्यू राज्यपाल बनने के लिए है। दूसरी तरफ बड़े-बड़े नेता हैं, जो आपका इंटरव्यू ले रहे हैं। घर का पता निकला फर्जी युवराज सिंह, उसकी मां, उसकी प|ी का भी डॉक्यूमेंट अनीता मिश्रा ने पुलिस को दिया है। हालांकि कंकड़बाग के जिस पते का जिक्र युवराज सिंह ने अपने डॉक्यूमेंट में किया है, वह फर्जी निकला है। अनीता ने कहा कि जब ठगी का अहसास हुआ तब उससे पैसे मांगने लगे। इसके बाद वह एक बाहुबली नेता का नाम लेकर धमकाने लगा। परेशान होकर हमने थाने में केस किया है।
शिक्षिका से 10 लाख की ठगी करने वाले ने कई को बनाया है शिकार
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