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समस्तीपुर में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। लोग दूसरा विकल्प खोज रहे हैं। रेलवे डीआरएम कार्यालय स्थिति भोजनालय में घरेलू गैस सिलेंडर से खाना बन रहा है। दूसरी तरफ समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्रियों के लिए भोजनालय की व्यवस्था की गई है। इस भोजनालय के पास 2 कॉमर्शियल सिलेंडर है। यहां रूकने वाले रेलवे यात्री भोजन के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही विभिन्न प्लेटफार्म ठेला-वेडर के माध्यम से रेल यात्रियों को नास्ता आदि उपलब्ध कराया जाता है। भोजनालय की व्यवस्था देख रहे कर्मी चंद्रदेव महतो ने बताया कि एक सिलेंडर पहले से खत्म था। दूसरा सिलेंडर भी शाम तक का ही है। जिसको देखते हुए अब इंडेक्शन पर भोजन बनाया जा रहा है। ताकि यात्रियों को परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि उनकी सेवा कुछ ट्रेनों में भी है, लेकिन सिलेंडर की परेशानी को देखते हुए ट्रेन की सेवा बंद कर दी गई है। अभी भोजनालय पहुंचने वाले यात्रियों को ही भोजन दिया जा रहा है। जररूत हुई तो इंडेक्शन की संख्या बढ़ाई जाएगी। रोज यहां 30-50 यात्री पहुंचे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर कर्मी की चुप्पी दूसरी तरफ डीआरएम कार्यालय परिसर स्थित कैंटीन में कॉमर्शियल सिलेंडर के बदले घरेलू सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। कैंटीन में एक कॉमर्शियल और 4 घरेलू सिलेंडर रखा हुआ था। जब कैंटीन के कर्मी से इस बारे में बात की गई तो वह कोई जबाव देने को तैयार नहीं हुए। सिर्फ इतना बताया कि यह सिलेंडर रेलवे की ओर से उपलब्ध कराया गया है। इससे ज्यादा कुछ भी बोलने से परहेज किया। कहीं कोई परेशानी नहीं है रेलवे के आईआरसीटीसी के मीडिया प्रभारी भीके भठ्ठी ने कहा कि रेलवे क्षेत्र में सिलेंडर की कमी को दूर करने के लिए व्यकल्पिक व्यवस्था की गई है। कहीं कोई परेशानी नहीं है। ट्रेनों में भी सिलेंडर खत्म होने पर इंडेक्शन का उपयोग हो रहा है।
डीआरएम कार्यालय कैंटिन में घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल:रेलवे स्टेशन भोजनालय में यात्रियों के लिए इंडक्शन पर बन रहा भोजन, ट्रेनों में सप्लाई की बंद
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