झारखंड- हेलीकॉप्टर क्यों नहीं खरीद रही है हेमंत सरकार? विधानसभा में आया जवाब, बताया झारखंड में हेलीकॉप्टर सुविधा के लिए …. .पढिये पूरी खबर…

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झारखंड विधानसभा में चतरा एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने राज्य में अपनी विमान और हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की मांग उठाई, जबकि सरकार ने इसे अत्यधिक खर्चीला बताते हुए निजी एजेंसियों से सेवा लेना ही बेहतर बताया। स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा।
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रांची: झारखंड विधानसभा में हाल ही में चतरा जिले में हुए एयर एंबुलेंस हादसे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस हादसे में मरीज और क्रू मेंबर्स सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। घटना का हवाला देते हुए भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने सरकार से सवाल किया कि आखिर राज्य सरकार अपनी विमानन सेवा क्यों नहीं शुरू कर सकती। उन्होंने कहा कि यदि राज्य का अपना हेलिकॉप्टर और विमान होता तो इस तरह की दुर्घटनाओं में जवाबदेही तय करना आसान होता।

विधायक शशिभूषण मेहता ने सदन में कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार एयर एंबुलेंस और चार्टर्ड विमान सेवा के लिए निजी कंपनियों पर निर्भर है। उन्होंने तर्क दिया कि निजी एजेंसियों को हर साल बड़ी राशि भुगतान करने के बजाय सरकार खुद हेलिकॉप्टर खरीद सकती है। उनका कहना था कि अगर राज्य के पास खुद की विमान सेवा होती तो चतरा जैसी दुर्घटना के बाद जिम्मेदारी तय करना आसान होता और पीड़ित परिवारों को न्याय भी जल्दी मिल पाता।

सदन में जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि हेलिकॉप्टर और विमान खरीदना सरकार के लिए आर्थिक रूप से काफी महंगा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि एक हेलिकॉप्टर की कीमत लगभग 80 से 110 करोड़ रुपये के बीच होती है, जबकि एक विमान का बाजार मूल्य करीब 150 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इसके अलावा विमानन सेवा चलाने के लिए रखरखाव, बीमा, स्पेयर पार्ट्स, फ्लाइट क्रू, ग्राउंड स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञ और अभियंताओं पर भी भारी खर्च करना पड़ता है।

मंत्री ने कहा कि इन सभी कारणों की वजह से देश के अधिकांश राज्यों ने अपनी अलग विमान सेवा विकसित नहीं की है और वे निजी एजेंसियों से ही सेवाएं लेते हैं। विधानसभा में उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, मध्य प्रदेश, असम, ओडिशा, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे कई राज्य भी निजी कंपनियों के माध्यम से हेलिकॉप्टर और चार्टर्ड विमान सेवाओं का उपयोग करते हैं।

इस दौरान विधानसभा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने भी सरकार से यह जानना चाहा कि एक वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार हेलिकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन सेवाओं पर कुल कितना खर्च करती है। हालांकि सरकार की ओर से इस सवाल का स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया।वहीं विधायक शशिभूषण मेहता ने दोबारा कहा कि चतरा एयर एंबुलेंस हादसे के बाद अब तक न तो सरकार ने और न ही संबंधित एजेंसी ने स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी ली है।

उन्होंने विधानसभा में यह भी आरोप लगाया कि इस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को अभी तक सरकार की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि चतरा हादसे की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के स्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी और पीड़ित परिवारों को सरकार हर हाल में मुआवजा देगी।

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