राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिससे अब कुल डीए 36 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
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Employee News/17.3.26: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (डीआर) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों को मिलने वाला कुल DA 36 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हो जाएगा। त्रिपुरा सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है।
इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी त्रिपुरा राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दी। उन्होंने बताया कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में की गई यह नई बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। यह घोषणा राज्य के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय द्वारा बजट भाषण समाप्त होने के तुरंत बाद की गई।
एक लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि राज्य सरकार के इस फैसले से कुल 1,02,563 नियमित सरकारी कर्मचारियों और 81,019 पेंशनभोगियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि DA में 5 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी के कारण राज्य सरकार पर हर साल करीब 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय ले रही है।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि त्रिपुरा के कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA ) धीरे-धीरे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर पहुंच सके। फिलहाल केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को करीब 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता देती है, जबकि त्रिपुरा के कर्मचारियों को अभी 41 प्रतिशत डीए मिलेगा। इस तरह दोनों के बीच लगभग 17 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है।
34,212 करोड़ रुपये का बजट पेश
इसी दिन राज्य के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34,212.31 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में किसी नए टैक्स का प्रस्ताव नहीं रखा गया है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन और ग्रामीण रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि
बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के लिए 8,945.92 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13.19 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में सड़क, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।हालांकि कुल बजट आकार बढ़ने के बावजूद इस वित्तीय वर्ष में लगभग 240.72 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया गया है।
कर्मचारियों के लिए राहत का संदेश
DA में बढ़ोतरी की घोषणा को राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले से कर्मचारियों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें आर्थिक रूप से कुछ राहत मिल सकेगी।




