Dilip Ghosh BJP Election Rally: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपने ‘संकटमोचक’ दिलीप घोष को एक बार फिर उनकी पुरानी जमीन खड़गपुर सदर सीट पर उतारा है. बुधवार को हजारों समर्थकों के साथ मोटरसाइकिल रैली निकालकर दिलीप घोष ने शक्ति प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि इस बार खड़गपुर की जनता एक लाख से अधिक वोट उनकी झोली में डाल देगी. इस बार 2016 की ऐतिहासिक जीत का रिकॉर्ड ध्वस्त हो जायेगा. दिलीप घोष के लिए खड़गपुर सदर की सीट भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है.
2016 का इतिहास दोहराने की तैयारी
- फ्लैशबैक 2016 : दिलीप घोष ने पहली बार इसी सीट से चुनाव लड़कर सियासत में कदम रखा था. तब उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज और 10 बार के विधायक ज्ञान सिंह सोहनपाल को हराकर सबको चौंका दिया था.
- आंकड़ों की बाजी : वर्ष 2016 में घोष को करीब 61,000 वोट मिले थे. सोहनपाल को 55,000 वोट मिले थे. इस बार घोष का दावा है कि जीत का यह अंतर कई गुना बढ़ जायेगा.
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जनता भाजपा को अपनी पार्टी मानती है – घोष
रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा- खड़गपुर के आम लोग अब भाजपा को अपनी पार्टी मानते हैं. यही कारण है कि हर चुनाव में यहां के मतदाता हमें आशीर्वाद देते हैं. वर्ष 2021 में भले ही हम सत्ता से दूर रहे, लेकिन भाजपा ने 3 सीटों से 77 सीटों तक का जो सफर तय किया था, वह जनता के इसी भरोसे का नतीजा था.
इस बार जीत का अंतर 2016 से कहीं बड़ा होगा. खड़गपुर की जनता तय कर चुकी है कि उन्हें विकास और सुरक्षा के लिए भाजपा को ही चुनना है.
दिलीप घोष, भाजपा नेता

खड़गपुर सदर : भाजपा का ‘पावर सेंटर’
मेदिनीपुर से सांसद रह चुके दिलीप घोष का इस सीट पर उतरना भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. पार्टी चाहती है कि दक्षिण बंगाल के इस महत्वपूर्ण जंक्शन से पूरे मेदिनीपुर क्षेत्र में एक कड़ा संदेश जाये. घोष की मोटरसाइकिल रैली में उमड़ी भीड़ को भाजपा अपने पक्ष में ‘लहर’ के तौर पर देख रही है.
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Dilip Ghosh BJP का चुनावी रिपोर्ट कार्ड और दावे
- लक्ष्य 2026 : 1,00,000+ वोटों के साथ जीत का दावा.
- पिछला रिकॉर्ड : 2016 में पहली बार विधायक बने, 61,000 वोट मिले.
- बड़ी उपलब्धि : दिलीप घोष के प्रदेश अध्यक्ष रहते भाजपा ने 2021 के बंगाल चुनाव में 77 सीटें जीती थीं.
- रणनीति : शहरी और श्रमिक बहुल खड़गपुर में ‘भूमिपुत्र’ और ‘मजबूत नेता’ की छवि को भुनाना.
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