उम्मीदवार सामने आते ही भड़के कार्यकर्ता, तृणमूल के बाद अब भाजपा और सीपीएम के भीतर असंतोष

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उम्मीदवार सामने आते ही भड़के कार्यकर्ता, तृणमूल के बाद अब भाजपा और सीपीएम के भीतर असंतोष

मुख्य बातें

Bengal Election: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए तमाम दलों ने उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है. जैसे जैसे सूची जारी की जा रही है, वैसे वैसे पार्टी के अंदर असंतोष उभर रहा है. तृणमूल कांग्रेस के बाद अब भाजपा और माकपा के अंदर भी उम्मीदवारों को लेकर असंतोष देखा जा रहा है. उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक प्रदर्शन हो रहे हैं. अलीपुरद्वार में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं ने ही ‘वापस जाओ’ के नारे लगाये. प्रदर्शनकारियों के हाथों में भाजपा उम्मीदवार परितोष दास की मंत्री अरूप विश्वास के साथ तस्वीर तस्वीरें थी. नेतृत्व के आश्वासनों के बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ.

भाजपा खेमे में फैला असंतोष

अलीपुरद्वार में विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की. प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के सामने आगजनी की. भाजपा ने अलीपुरद्वार विधानसभा क्षेत्र से परितोष दास को मैदान में उतारा है. पिछले विधानसभा चुनावों में सुमन कांजीलाल ने इसी सीट से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी. अब वे तृणमूल के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन वहां के भाजपा कार्यकर्ता परितोष दास को उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. इसी तरह हरिंगघाटा में भाजपा उम्मीदवार को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है. हरिंगघाटा में भाजपा कार्यकर्ता ही उम्मीदवार बदलने की मांग कर रहे हैं. असीम सरकार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का विरोध प्रदर्शन करते सड़क पर उतर चुका है.

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सीपीएम के भीतर भी आक्रोश

भाजपा की तरह, सीपीएम में भी असंतोष है. पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया. सूची के पहले चरण में, चुनाव हिंसा में मारी गई बच्ची तमन्ना की मां सबीना यास्मीन को कालीगंज से उम्मीदवार घोषित किया गया, लेकिन स्थानीय सीपीएम कार्यकर्ता उन्हें उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. अगले दिन सुबह, पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कालीगंज निर्वाचन क्षेत्र के प्लासी स्थित सीपीएम कार्यालय में तोड़फोड़ की. कुर्सियां ​​एक के बाद एक तोड़ दी गईं. बेंचें उलट दी गईं. कुछ सत्ता हथियाने का सपना देख रहे हैं. कुछ घास काटने का सपना देख रहे हैं. तृणमूल की तरह ही उम्मीदवार को लेकर उनमें भी गुस्सा और विरोध का माहौल है.

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