बेगूसराय में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का प्रयास तेज:राष्ट्र कवि दिनकर के गांव सिमरिया में विशेष अभियान शुरू; जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे

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बेगूसराय में CSR की पहल के तहत लक्ष्य – एक सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की ओर से नेचर बेस्ड सोल्यूशन फॉर क्लाइमेट चेंज परियोजना को आकांक्षी जिला बेगूसराय में सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में सिमरिया पंचायत-एक में तालाब सफाई अभियान की शुरुआत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है। पहल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करने और जमीन स्तर पर सतत पर्यावरणीय प्रथाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। कार्यक्रम की शुरुआत पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गोपाल कुमार ने किया। उन्होंने इस पहल की सराहना की और पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। मुखिया प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन में सहायक होते हैं। बल्कि लोगों में अपने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। सफाई अभियान के पहले दिन जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों की सहायता से 18 ट्रॉली पुराने कचरे को तालाब से निकाला गया। यह कचरा कई साल से जमा था। जिसे सावधानीपूर्वक हटाकर निर्धारित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई में सुरक्षित निपटान के लिए भेजा गया है। यह शुरुआती प्रगति समस्या की गंभीरता के साथ-साथ टीम की दक्षता और समर्पण को भी दर्शाती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तालाब के पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करना, जल की गुणवत्ता में सुधार करना और प्रदूषण को कम करना है। इसके साथ ही यह समुदाय में सतत अपशिष्ट प्रबंधन की प्रथाओं को बढ़ावा देने का प्रयास भी है। दीर्घकालिक सफलता के लिए व्यवहार परिवर्तन आवश्यक है। इसलिए इस परियोजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों को जल स्रोतों को प्रदूषित न करने और प्लास्टिक कचरे के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। इसके लिए नुक्कड़ नाटक और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह सफाई अभियान तालाब पूरी तरह से साफ हो जाने तक चलेगा। इसके बाद भी नियमित निगरानी और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से तालाब को स्वच्छ बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे प्रयास प्रकृति-आधारित समाधान और सामुदायिक सहयोग मिलकर पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान कर सकते हैं। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देकर यह पहल जलवायु सहनशीलता, जैव विविधता संरक्षण और समग्र पर्यावरणीय स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देती है। मौके पर प्रोजेक्ट मेनेजर किरण मोयपाल, प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर विश्वजीत कुमार, स्वच्छता पर्यवेक्षक कृष्ण मुरारी और पंचायत स्वच्छता कर्मी के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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