पूर्णिया में राजकीय कामाख्या महोत्सव की धूम:10 हजार कलशों के साथ निकली शोभा यात्रा, 9 दिनों तक चलेगा आस्था का महाकुंभ

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पूर्णिया में राजकीय कामाख्या महोत्सव के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा के साथ आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र माने जाने वाले मां कामाख्या मंदिर परिसर में नौ दिवसीय राजकीय कामाख्या महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। के.नगर प्रखंड के मजरा पंचायत स्थित मां कामाख्या मंदिर परिसर से 10 हजार कलशों के साथ एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे इलाके को भक्ति और उत्साह से भर दिया। चैती नवरात्र के मौके पर निकली इस कलश यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं और कुमारी कन्याएं शामिल हुईं। सभी श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लिए कतारबद्ध होकर चल रही थीं। यह नजारा इतना भव्य था कि जहां से भी यात्रा गुजरती, लोग रुककर इसे देखते और मां के जयकारे लगाते नजर आए। यात्रा की शुरुआत पूरे विधि-विधान के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच मां गंगा का आवाहन किया गया। इसके बाद कलश स्थापना की गई और श्रद्धालु पूरे पंचायत क्षेत्र में भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर तक पहुंचे। इस दौरान पूरा इलाका जय मां कामाख्या के नारों से गूंजता रहा। लेसी सिंह ने प्रधान यजमान के रूप में पूजा की इस खास मौके पर बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने प्रधान यजमान के रूप में पूजा की। उनके साथ अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। विद्वान आचार्य पंडित तिवारी बाबा के सानिध्य में पूजा-अर्चना कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पानी, शरबत और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। मंदिर कमेटी की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में विद्वान आचार्य पंडित तिवारी बाबा के सानिध्य में मां गंगा का आवाहन किया गया। 9 दिनों तक चलेंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव 19 से 28 मार्च तक चलेगा, जिसमें हर दिन धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। नौ दिनों तक सप्तशती चंडी पाठ और विशेष पूजा भजन संध्या में लोक गायिका प्रीति मिश्रा की प्रस्तुति 23 मार्च से कथावाचक जया किशोरी की ओर से श्रीमद्भागवत कथा अंतिम दिन गंगा आरती, 108 कन्या पूजन और भव्य भंडारा श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद और भंडारे की भी विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। अधिकारी लगातार निगरानी में लगे रहे। इस भव्य कलश यात्रा के साथ ही नौ दिवसीय राजकीय कामाख्या महोत्सव की शुरुआत हो गई है, जो 28 मार्च तक चलेगा। आने वाले दिनों में यहां धार्मिक अनुष्ठान, कथा, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, लेकिन महोत्सव की शुरुआत जिस भव्य कलश यात्रा से हुई, उसने ही इस आयोजन को खास बना दिया है।

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