पलामू (झारखंड): झारखंड के पलामू जिले के ऐतिहासिक डालटनगंज रेलवे स्टेशन की पहचान अब बदलने वाली है। करीब 124 साल पुराने इस रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘मेदिनीनगर’ रेलवे स्टेशन किया जाएगा। झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
हाल ही में राज्य सरकार की कैबिनेट ने नाम बदलने के इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी थी। नोटिफिकेशन के अनुसार, स्टेशन का नाम बदलने को लेकर भारत सरकार से भी अनापत्ति (NOC) प्राप्त हो चुकी है।
धनबाद रेल डिवीजन का महत्वपूर्ण स्टेशन
डालटनगंज रेलवे स्टेशन धनबाद रेल डिवीजन के अंतर्गत आता है। यह सीआईसी (CIC) सेक्शन में आय के मामले में दूसरा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। यह पलामू और आसपास के इलाकों के लिए एक प्रमुख जंक्शन है, जहाँ से राजधानी और गरीब रथ समेत कई महत्वपूर्ण सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती और रुकती हैं।
वर्तमान में डालटनगंज रेलवे स्टेशन का कोड ‘DTO’ है। रेलवे द्वारा नाम बदलने की अंतिम प्रक्रिया और नोटिफिकेशन जारी होने के बाद स्टेशन को एक नया कोड आवंटित किया जाएगा।
अब आगे क्या…
- झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन।
- भारत सरकार से नाम बदलने को लेकर मिल चुका है अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)।
- अंग्रेजों के जमाने में 1902 में बनकर तैयार हुआ था यह स्टेशन।
- चेरो वंश के प्रतापी राजा मेदिनीराय के नाम पर होगा नया नाम।
क्या है इसका इतिहास?
डालटनगंज रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजों के समय में साल 1902 में हुआ था। उस दौरान ईस्ट इंडियन रेलवे द्वारा यहाँ पटरियां बिछाई गई थीं। शहर का नाम 1860 के आसपास कर्नल डाल्टन के नाम पर ‘डालटनगंज’ रखा गया था।
हालाँकि, अप्रैल 2018 में ही झारखंड सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर डालटनगंज शहर का नाम बदलकर ‘मेदिनीनगर’ कर दिया था। यह नाम चेरो वंश के प्रतापी राजा मेदिनीराय के सम्मान में रखा गया है, जिनका शासनकाल 1658 से लेकर 1674 तक माना जाता है। शहर का नाम बदलने के बाद से ही रेलवे स्टेशन का नाम भी बदलने की मांग उठ रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है।




