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करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद राजधानी रांची को आखिरकार अपनी नई शहर सरकार मिल गई। गुरुवार को आयोजित समारोह में मेयर रोशनी खलखो समेत 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही आज ही डिप्टी मेयर के लिए भी चुनाव हुआ। इस चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार नीरज कुमार डिप्टी मेयर चुने गए। नीरज वार्ड 31 के पार्षद हैं। उन्हें कुल 38 वोट मिले। वहीं महागठबंधन के उम्मीदवार वार्ड 44 के पार्षद परमजीत सिंह को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें मात्र 15 वोट मिले। शपथ ग्रहण के बाद सभी प्रतिनिधियों ने नगर निगम पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया। इसके साथ ही शहर के विकास और बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में नई बोर्ड काम करने को तैयार है। सीमित संसाधनों में उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती नई शहर सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित संसाधनों के बीच जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। नगर निगम की आर्थिक स्थिति फिलहाल मजबूत नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष में 2610 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत है। अब तक महज 115 करोड़ रुपए की ही आय हो सकी है। ऐसे में विकास कार्य काफी हद तक केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान पर निर्भर रहेंगे। समय पर फंड नहीं मिलने की स्थिति में योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। स्वच्छता और कचरा प्रबंधन बड़ी प्राथमिकता रांची में सफाई व्यवस्था पर हर माह 6 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने के बावजूद हालात संतोषजनक नहीं हैं। सड़कों पर कचरा और जाम नालियां अब भी बड़ी समस्या हैं। नई मेयर के सामने झिरी में वर्षों से जमा कचरे के निस्तारण, वहां पार्क निर्माण, 12 मटेरियल रिकवरी सेंटर को चालू करने और कचरे से आय के मॉडल को लागू करने की चुनौती है। सीवरेज-ड्रेनेज और भ्रष्टाचार पर फोकस शहर में सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था अब भी अधूरी है। जोन-1 का प्रोजेक्ट 24 करोड़ रुपए की कमी के कारण ठप है। नई बोर्ड के लिए इसे शुरू कराना प्राथमिकता होगी। वहीं, जोन-2, 3 और 4 के लिए 4000 करोड़ रुपए की व्यवस्था करना भी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा, निगम में फैले भ्रष्टाचार और दलाली तंत्र पर रोक लगाने के लिए वार्ड स्तर पर सेवाएं पहुंचाने की दिशा में काम शुरू करने की बात कही गई है, ताकि लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। राजस्व बढ़ाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार की जरूरत नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए होल्डिंग टैक्स, पार्किंग, होर्डिंग और वॉटर कनेक्शन से राजस्व बढ़ाने की योजना पर काम किया जाएगा। साथ ही टैक्स चोरी पर सख्ती भी की जाएगी। वहीं, शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति सुधारने के लिए नई सिटी बसों की खरीद और 244 बसों के संचालन की योजना को गति देने की भी जरूरत है, जो अब तक फाइलों में अटकी हुई थी।
रांची को मिली नई शहर सरकार:मेयर रोशनी खलखो समेत 53 पार्षदों ने ली शपथ, वार्ड 31 पार्षद नीरज कुमार बने डिप्टी मेयर
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