झारखंड के विभिन्न जिलों में रसोई गैस किल्लत की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को भी कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर एलपीजी गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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झरिया के बस्ताकोला स्थित चौधरी गैस एजेंसी में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। सुबह से ही एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल सका।

सुबह से ही एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही।
उपभोक्ताओं ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर दिया था कुछ दिन पहले गैस आपूर्ति न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाकर जाम हटवाया था। हालांकि, इस घटना के बावजूद गैस आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ है और समस्या जस की तस बनी हुई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही गैस बुकिंग और भुगतान कर दिया है। इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। प्रतिदिन लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे घरों में खाना बनाने में परेशानी हो रही है।

जमशेदपुर में एजेंसी के बाहर एलपीसी सिलेंडर लेने के लिए लगी उपभोक्ताओं की कतार।
घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही जमशेदपुर में भी रसोई गैस की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात ऐसे हैं कि लगातार आश्वासन के बावजूद जमीनी स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। एक ओर गैस एजेंसी संचालक बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि शहर में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है। वहीं, दूसरी ओर आम लोगों की परेशानी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लोग अपने दैनिक कामकाज छोड़कर घंटों लाइन में खड़े होकर गैस बुकिंग और सिलेंडर लेने का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर महिलाओं और बुजुर्गों को भी लाइन में खड़ा देखा जा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर इतनी भीड़ और लंबा इंतजार क्यों हो रहा है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि समय पर गैस नहीं मिलने के कारण उनके घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है।
वहीं, कुछ लोगों ने यह भी बताया कि बुकिंग के बाद भी उन्हें कई दिनों तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। लोगों में इस स्थिति को लेकर असमंजस के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे और जल्द से जल्द कोई ठोस समाधान निकाले, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
गैस सिलेंडर आपूर्ति में आई है कमी एजेंसी प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल आपूर्ति में कमी है। पहले सिलेंडर की लोडिंग रात में होती थी, जिससे सुबह तक वितरण संभव हो पाता था। अब गाड़ी सुबह लोड होने के कारण दोपहर तक पहुंचती है। एक गाड़ी में लगभग 342 सिलेंडर आते हैं और पहुंचते ही उनका वितरण कर दिया जाता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

जामताड़ा में सिलेंडर लेने के लिए गैस उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिली।
चतरा के इटखोरी में गैस संकट इधर, चतरा के इटखोरी थाना क्षेत्र के गांधी चौक स्थित विशाल इंडियन गैस गोदाम में उपभोक्ताओं को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के असर और आपूर्ति में कमी के कारण स्थानीय लाभुकों को एक सिलेंडर के लिए चार से पांच दिन पहले बुकिंग करानी पड़ रही है।
कतारों में खड़े ग्रामीणों का कहना है कि समय पर गैस न मिलने से घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन और गैस एजेंसी की सुस्ती के बीच आम जनता परेशान है। लोग मांग कर रहे हैं कि आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए ताकि इस संकट से निजात मिल सके।
गैस उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिली वहीं, जामताड़ा में एक बार फिर गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की परेशानी सामने आई है। बुधुडीह स्थित गैस गोदाम में गुरुवार को सिलेंडर लेने के लिए गैस उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिली। लाइन गोदाम से निकलकर मुख्य सड़क तक पहुंच गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों से उन्हें गैस नहीं मिल रही थी। गैस बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को 2–3 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही सिलेंडर आने की खबर मिली, लोग सुबह से ही लाइन में लग गए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यह स्थिति उन्हें लगभग 15 साल पहले के दिनों की याद दिला रही है, जब गैस लेने के लिए इसी तरह घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता था।




