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मंगलवार की शाम सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी की चपेट में आने से दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव के पास जंगल में हुई। घायलों की पहचान तिरिलपोसी गांव निवासी जय सिंह चेरोवा (35) और सलाई चेरोवा के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह तिरिलपोसी गांव के करीब एक दर्जन ग्रामीण जंगल में सब्जी बनाने में उपयोग होने वाले फूल लाने गए थे। शाम करीब 4 बजे लौटने के दौरान जंगल में पहले से बिछाए गए आईईडी पर पैर पड़ते ही जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट में जय सिंह और उसके साथ चल रहे सलाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जराइकेला पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान मौके के लिए रवाना हो गए। घायल रांची रेफर, विस्फोट वाले इलाके में जांच तेज हालांकि अंधेरा हो जाने और इलाके में और आईईडी बिछे होने की आशंका के चलते राहत एवं बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विस्फोट में घायल दोनों ग्रामीणों को अति-गंभीर स्थिति में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए रांची रेफर कर दिया गया है। इधर, संभावित आपात स्थिति को देखते हुए मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। घटना की पुष्टि करते हुए जिले के एसपी अमित रेनू ने बताया कि सारंडा जंगल के कई इलाकों में नक्सलियों द्वारा भारी मात्रा में आईईडी बिछाई गई है। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से ग्रामीणों को लगातार जंगल के अंदर दूर तक न जाने की सलाह दी जाती है। एसपी ने कहा कि सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों का काफी हद तक सफाया हो चुका है और जो बचे हैं, उनके खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी एक साल में आईईडी ब्लास्ट से तीन ग्रामीणों की मौत सारंडा क्षेत्र में आईईडी ब्लास्ट की घटनाएं लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। बीते एक साल में अब तक आईईडी विस्फोटों में तीन ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। 7 जनवरी 2025 को तिरिलपोसी गांव की 10 वर्षीय बच्ची सनियारो गागराई की मौत आईईडी ब्लास्ट में हुई थी। 28 अक्टूबर 2025 को दीघा के पास जंगल में हुए विस्फोट में 10 वर्षीय बच्ची सीरिया हेरेंज की मौके पर ही मौत हो गई थी। 28 नवंबर 2025 को कोलबोंगा गांव के लेबरागढ़ा जंगल में आईईडी ब्लास्ट से फूलो धनवार (18) की मौत हुई थी, जबकि बिरसी धनवार और सालमी कंडुलना घायल हो गई थीं। वर्ष 2023 से अब तक सारंडा में आईईडी ब्लास्ट की घटनाओं में कुल 8 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। वहीं, पिछले साल मार्च से अब तक पुलिस और सुरक्षा बल के 3 अधिकारी एवं जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं।
सारंडा के तिरिलपोसी गांव के जंगल में विस्फोट:आईईडी ब्लास्ट में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, फूल लेने जंगल गए थे एक दर्जन ग्रामीण
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