पहली बार 80 साल पहले थाना टोली अखाड़े से उठाया गया था महावीरी झंडा

Date:


भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा में रामनवमी की तैयारी जोरों पर है। रामभक्तों द्वारा शहर में महावीरी पताके पाटने का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं शाम होते ही बजरंग बली की जय… और डंका का धुन सुनाई पड़ने लगे हैं। इन सबके बीच भास्कर प्रतिनिधि द्वारा लोहरदगा में रामनवमी से जुड़े इतिहास पर जानकारी ली गई तो यह सामने आया कि आजादी से पहले अंग्रेजी हुकूमत में ही रामनवमी उत्सव शुरू हुआ था, तब रात्रि में अखाड़ा पूजन हो या अस्त्र शास्त्र चालन की बात हो लालटेन और मशाल की रोशनी में होती थी। पहली बार 80 साल पहले 1946 में थाना टोली अखाड़े से महावीरी झंडा उठाई गई थी, जिसके बाद निरंतर परंपरा जारी रही और आज भी रामनवमी की शोभायात्रा थाना टोली अखाड़े से झंडा उठाने के साथ शुरू होती है। रामनवमी पूजा समिति थाना टोली के संरक्षक 68 वर्षीय प्रणीत सिंह से बातचीत करने पर सामने आया कि 1946 ई में लालटेन और मशाल की रोशनी में यहां अखाड़ा पूजन शुरू की गई थी। कला ज्योति के बैनर तले आयोजन का शुभारंभ 1974 में कैलाश केशरी, सुधीर साहू, केदार केशरी की अगुवाई में शुरू की गई थी। इससे पूर्व तक रामनवमी पूजा समिति थाना टोली अखाड़े को वाल्मिकी समिति थाना टोली के नाम से जाना जाता था। अब रामनवमी पूजा समिति थाना टोली अखाड़े के नाम से जाना जाने वाला अखाड़ा शोभा यात्रा सहित अन्य मंगला यात्रा के शुरुआत के लिए जाना जाता है। बताया गया तब थाना टोली अखाड़े के साथ शास्त्री चौक, टंगरा टोली अखाड़ा शोभायात्रा में शामिल हुआ था। जिसके बाद आज बढ़ते अखाड़ों के साथ 59 अखाड़े शोभायात्रा में शामिल होते हैं। थाना टोली अखाड़े के द्वारा ही लोहरदगा में अस्त्र-शस्त्र चालन प्रतियोगिता सहित खासकर मशाल खेल को बढ़ावा दिया गया था, तब अंग्रेजी हुकूमत में विद्युत समस्या होने का कारण दोपहर 12:00 बजे निकलने वाली शोभा यात्रा अंधेरा होने से पूर्व ही समाप्त हो जाती थी। तब स्व. सीताराम सिंह, स्व. छेदी रजक, स्व. बंदी रजक, स्व. बबुआ महतो, स्व. जगमोहन प्रसाद, स्व. बरना प्रजापति की अगुवाई में शोभा यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद से निरंतर बढ़ती पीढ़ियों ने आगे की बागडोर संभाली। इस क्रम में आगे साहू परिवार का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा था। पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के बड़े भाई स्व. नंदलाल प्रसाद साहू की अगुवाई में भी 1950-55 से शुरू हुई भागीदारी लंबे समय तक झंडा उठाने और अखाड़ा पूजन सहित विभिन्न समितियां के लोगों को सम्मान देने का कार्य किया गया। अब भी पूर्व राज्य सभा सांसद धीरज प्रसाद साहू की अगुवाई में थाना टोली अखाड़ा से अन्य लोगों की उपस्थिति में झंडा उठाने की परंपरा जारी है। इस बीच 1970 में सदर थाना स्थित परिसर में गीतांजलि चैलेंज शील्ड नामक अस्त्र-शस्त्र चालन प्रतियोगिता संचालन शुरू किया गया था। जिसके बाद यह आयोजन लगता 4 वर्षों तक जारी रहा। आगे उक्त आयोजन के समाप्त होने पर अगली पीढ़ियों द्वारा कला ज्योति के नाम के साथ आयोजन शुरू किया गया था। जो भी लंबे अरसे तक चला।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Join Us WhatsApp