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मुजफ्फरपुर में UPSC-2025 के 18 सफल अभ्यर्थी सम्मानित:युवाओं को मिला सिविल सेवा का रोडमैप, मुख्य सचिव बोले- निडर होकर निर्णय लें


मुजफ्फरपुर में एमआईटी (MIT) के सभागार में आज जिला प्रशासन की मदद से आयोजित “प्रेरणा 1.0” कार्यक्रम में UPSC-2025 में सफल 18 अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सिविल सेवा के प्रति प्रेरित करना और उन्हें स्पष्ट मार्गदर्शन देना रहा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. मनोज कुमार ने स्वागत भाषण में बताया कि संस्थान के 70 साल के इतिहास में इस तरह का यह पहला प्रेरणादायी आयोजन है। वहीं जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि यह पहल युवाओं को लक्ष्य तय करने और सिविल सेवा की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, डीआईजी, एसएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्राचार्य प्रो. डॉ. एम. के. झा ने अतिथियों को शॉल व मोमेंटो से सम्मानित किया, जबकि मुख्य सचिव को मधुबनी पेंटिंग भेंट की गई। ये अभ्यर्थी हुए सम्मानित इस अवसर पर UPSC-2025 के सफल 18 अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें राघव झुनझुनवाला, उज्जवल प्रियंक, यशस्वी राज वर्धन, प्राची हनी, आकाश कुमार, अभिषेक चौहान, राहुल कुमार, आयुष कृष्णा, वसीम उर रहमान, आयुष कुमार, संजीव कुमार, अभिषेक सिंह, श्रेया झा, मुकेश बरनवाल, निकित सिंह, नूर आलम, सौरभ कुमार और विवेक कुमार शामिल हैं। निडर होकर निर्णय लें- प्रत्यय अमृत मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अपने संबोधन में कहा कि सिविल सेवा समाज सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से निडर होकर निर्णय लेने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि पद अस्थायी होते हैं, लेकिन समाज के लिए किया गया कार्य स्थायी रहता है। इस दौरान उनके माता-पिता की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक आयाम दिया। आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि मुजफ्फरपुर-वैशाली क्षेत्र से शीर्ष रैंक आना गर्व की बात है, जबकि डीआईजी और एसएसपी ने सफलता को अनुशासन, मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम बताया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संवाद सत्र रहा, जिसमें छात्रों ने तैयारी से जुड़े सवाल पूछे। सफल अभ्यर्थियों ने सीमित संसाधनों, नियमित उत्तर लेखन, मॉक टेस्ट और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा—“डिसिप्लिन नॉन-नेगोशिएबल है, मोटिवेशन खुद आएगा।” अंत में प्राचार्य प्रो. डॉ. एम. के. झा ने कहा कि MIT के छात्र लगातार सिविल सेवा में सफलता प्राप्त कर रहे हैं और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए न केवल प्रेरणादायी रहा, बल्कि सिविल सेवा की तैयारी का एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप भी प्रदान कर गया।

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