गयाजी के मुफसिल थाना क्षेत्र में बीते 2 मार्च की रात 64 लाख रुपए के पान मसाला लूटकांड में शामिल मास्टर माइंड और उसके सहयोगी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पहले ही पुलिस 6 आरोपी को जेल भेज चुकी थी, जबकि 3 फरार चल रहे थे।
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पुलिस के मुताबिक तीन में से एक आरोपी की बीते दिनों अवैध प्रेम सम्बन्ध में हत्या हो गई थी। शेष दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से लूटा गया ट्रक और वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद की गई है।

घटना 2 मार्च 2026 की है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र डीएवी स्कूल के पास सुबह-सुबह बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में ट्रक को घेर लिया था। ट्रक पर रजनीगंधा पान मसाला और जर्दा लोड था, जिसकी कीमत करीब 64 लाख रुपए थी। पुलिस का कहना है कि कर से पीछा कर बदमाशों ने ट्रक लूट लिया था। इस मामले में मुफसिल थाना कांड संख्या 238/2026 दर्ज किया गया था।
बता दें कि पुलिस ने पहले ही कार्रवाई करते हुए लूटा गया माल बरामद कर लिया था और 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन कुछ आरोपी फरार थे। इन्हें पकड़ने के लिए एएसपी (प्रशिक्षु) सह थानाध्यक्ष दीप्ति मोनाली और वजीरगंज एसडीपीओ सुनील कुमार पांडेय के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम में मुफस्सिल इंस्पेक्टर सुनील कुमार द्विवेदी व एसटीएफ के अधिकारी शामिल थे।
पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
डीएसपी सुनील पांडे ने बताया कि हजारीबाग व जहानाबाद में छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में पटना के कादीरगंज निवासी अवधेश प्रसाद उर्फ सौरभ व झारखंड के हजारीबाग निवासी प्रवीण कुमार शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अवधेश का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पटना और नालंदा के कई थानों में लूट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ 35 केस दर्ज हैं। अधिकतर मामले लूट कांड से सम्बंधित हैं। आर्म्स एक्ट में इसे सजा भी हो चुकी है। बीती जनवरी 2026 को वह जेल से छूट कर आया था। इसके बाद 2 फरवरी को उसने मुफस्सिल थाना क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि वहीं प्रवीण कुमार के खिलाफ भी नालंदा समेत अन्य जिलों में कई केस दर्ज हैं। अवधेश फरवरी में चांकद के पास सर्फ लदे ट्रक लूट कांड में भी शामिल था। इस बात को उसने पूछताछ में स्वीकार भी किया है।
पुलिस का कहना है कि कांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क का खुलासा हुआ है। गिरोह पहले रेकी करता था और मौका देख कर ट्रकों को निशाना बनाता था। फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।
खास बात यह कि अवधेश लूट की वारदात को भाड़े के बदमाशों से करवाता था। मतलब यह कि वह लूट के माल में अपने गुर्गे को हिस्सेदारी नहीं बल्कि उस दिन की सैलरी देता था। सैलरी एक बदमाश की 10 से 15 हजार रुपए एक दिन की होती थी। इसके बाद उसे कुछ भी हिस्सा अवधेश नहीं देता था। अवधेश खुद लाइनर को सेट करता था और खुद ही रेकी करता था। उसके बाद अपने गिरोह के गुर्गे को अपने साथ लेकर वारदार के लिए निकल जाता था। वारदात के बाद वह खुद सामना को ठिकाने लगाने के लिए कारोबारियों से सम्पर्क करता था और सौदा तय होने पर माल डिलीवर कर देता था।
पान मसाला लूट कांड में लाइन पटना स्थित पानमसाला के गोडाउन के पास स्थित कबाड़ी के दुकानों में काम करने वाले मजदूर थे। उन्हीं से अवधेश ने इनपुट लिया था। पुलिस ने बताया कि रजनीगंधा तुलसी पानमसाला का जहां पर गोदाम है। वहां कई कबाड़ियों की काबड़ी की दुकान है। अवदेश पटना के कादिरगंज के पिपरपांती मुहल्ले का रहने वाला है और वह ललन यादव का लड़का है।




