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देवघर स्थित बैद्यनाथ मंदिर में रेकी की आशंका जतायी गई है। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय स्पेशल ब्रांच ने श्रावणी मेला के दौरान मंदिर की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट में मेला के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी आवश्यक बतायी गई है। यह रिपोर्ट डीजीपी तदाशा मिश्र, देवघर डीसी और एसपी को भेजी गई है। इस रिपोर्ट के बाद से श्रावणी मेला से पहले ही मंदिर परिसर की सुरक्षा को लेकर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन अभी से ही अलर्ट मोड में है। मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह बदल गया। ग्राउंड पर पहुंचने पर सबसे पहले चारों प्रवेश द्वारों पर बढ़ी सख्ती साफ नजर आती है। हर गेट पर पुलिसकर्मी मेटल डिटेक्टर के साथ तैनात हैं। एक-एक श्रद्धालु की गहन जांच की जा रही है। पहले जहां लोग सामान्य तरीके से लाइन में आगे बढ़ जाते थे, अब वहां बैग खोलकर दिखाने, शरीर की स्कैनिंग और पूछताछ की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की लंबी कतार जरूर दिख रही है, लेकिन सुरक्षा को लेकर किसी तरह की ढील नहीं बरती जा रही। क्यू कॉम्प्लेक्स से वीआईपी मार्ग तक सुरक्षा घेरा मंदिर के क्यू कॉम्प्लेक्स में भी सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है। यहां तैनात जवान लगातार भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। वीआईपी दर्शन मार्ग और पासधारी श्रद्धालुओं के रास्तों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। ग्राउंड पर तैनात एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। हर स्तर पर जांच की जा रही है। 50 आईआरबी जवान और 25 गृहरक्षक जवानों की तैनाती से पूरे परिसर में सुरक्षा की मौजूदगी स्पष्ट महसूस हो रही है। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से 24 घंटे मॉनिटरिंग मंदिर परिसर के अंदर जाते ही हर कोने में लगे सीसीटीवी कैमरे दिखाई देते हैं। कंट्रोल रूम में बैठी टीम लगातार स्क्रीन पर नजर रख रही है। किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत ग्राउंड टीम को अलर्ट किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले के मुकाबले अब मॉनिटरिंग ज्यादा सख्त कर दी गई है। कैमरों के जरिए क्यू लाइन, गर्भगृह के आसपास और मंदिर के बाहरी इलाकों तक हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है। सुरक्षा व्यवस्था को टेक्नोलॉजी के जरिए मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। प्रबंधन सतर्क, श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील अलर्ट के बाद मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी गेटों पर स्थायी डिटेक्टर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। साथ ही, बिना जांच के किसी भी सामान को अंदर ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करें और कम से कम सामान लेकर ही मंदिर पहुंचे। सख्ती के बीच यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाबा के दर्शन की व्यवस्था सुचारू बनी रहे। ग्राउंड पर साफ दिख रहा है कि इस बार सुरक्षा के मामले में कोई भी जोखिम लेने के मूड में प्रशासन नहीं है। इस अलर्ट के पीछे की क्या है कहानी दरअसल, 22 मार्च 2026 को गाजियाबाद में कौशांबी पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़ा था। जिसमें पाकिस्तानी जासूस बिहार निवासी नौशाद आलम से पूछताछ में यह बात सामने आयी थी कि देवघर का बाबा बैद्यनाथ मंदिर संदिग्धों के निशाने पर है। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय स्पेशल ब्रांच ने श्रावणी मेला के दौरान मंदिर की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट में मेला के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी आवश्यक बताई गई है। यह रिपोर्ट डीजीपी तदाशा मिश्र, देवघर डीसी और एसपी को भेजी गई है। मंदिर की सुरक्षा घेरा का कई बार हो चुका है उल्लंघन स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक 30 अक्तूबर 2025 को एक महिला बुरका पहने हुए मंदिर कैंपस तक चली गई थी। तब वहां उपस्थित पंडा और पुजारियों ने उक्त महिला को विक्षिप्त समझकर बाहर निकाल दिया था। लेकिन इसकी सूचना समय पर स्थानीय पुलिस को नहीं मिल सकी, जिससे उक्त महिला का सत्यापन नहीं हो सका। वर्ष 2025 में ऐसा ही मामला प्रकाश में आया था। जिसमें पाकिस्तान से कनेक्शन रखनेवाली तथा भारत की आंतरिक सुरक्षा की जानकारी लीक करने के आरोप में हरियाणा के हिसार से यूट्यूबर ज्योति मलहोत्रा गिरफ्तार की गई थी। ज्योति मलहोत्रा ने श्रावणी मेले में कांवरिया पथ एवं बाबा मंदिर का भ्रमण किया था। उसने अपने यूट्यूब चैनल पर बाबा मंदिर एवं कांवरिया पथ का वीडियो बनाकर शेयर भी किया गया था।

