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बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किशनगंज जिले में संगठनात्मक बदलाव किया है। शाहबुल अख्तर को नया जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष इमाम अली चिंटू को पद से हटा दिया गया है। यह बदलाव पार्टी की आंतरिक रणनीति और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। शाहबुल अख्तर स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता हैं और पहले कार्यकारी जिला अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने किशनगंज कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा शुरू कर दी है। नए नेतृत्व को अवसर देने का निर्णय इमाम अली चिंटू ने पिछले वर्षों में जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व किया था। उनके कार्यकाल में कांग्रेस ने किशनगंज विधानसभा सीट पर कमरुल होदा को टिकट दिया था, जिसमें पार्टी को सफलता मिली थी। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने अब नए नेतृत्व को अवसर देने का निर्णय लिया है। नवनियुक्त अध्यक्ष शाहबुल अख्तर ने पार्टी हाईकमान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे किशनगंज में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे। उनका लक्ष्य 2026 के आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को बेहतर बनाना है। सीमांचल क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करना उद्देश्य इस बदलाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ कार्यकर्ता नए अध्यक्ष का स्वागत कर रहे हैं, जबकि कुछ पूर्व अध्यक्ष इमाम अली चिंटू के समर्थन में हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव संगठनात्मक चुनावी तैयारियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सीमांचल क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करना है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इस निर्णय के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि शाहबुल अख्तर के नेतृत्व में कांग्रेस कितनी प्रभावी रणनीति अपनाती है और आगामी दिनों में पार्टी की गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।


