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बिहार कांग्रेस में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। पार्टी के वर्तमान प्रदेश नेतृत्व और उनकी कार्यशैली के खिलाफ असंतुष्ट नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को बिहारशरीफ सर्किट हाउस में खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव और वरिष्ठ नेता नागेंद्र पासवान विकल ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने ऐलान किया कि पार्टी को बचाने के लिए आगामी 17 मार्च 2026 को पटना में ‘बिहार कांग्रेस बचाओ’ महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। संक्रमण काल से गुजर रही पार्टी पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने कहा कि बिहार कांग्रेस इस समय संक्रमण काल से गुजर रही है। हमारे नेता राहुल गांधी ने बिहार में 25-30 दिन समय दिया, लेकिन प्रदेश नेतृत्व की नाकामी के कारण पार्टी सबसे निचले पायदान पर आ गई है। प्रदेश नेतृत्व तानाशाही रवैया अपना रहा है। बिना किसी प्रमाण के वफादार नेताओं को नोटिस भेजा जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि वे भाजपा और जदयू की मदद कर रहे हैं। मैंने अपने वकील से बात की है और नेतृत्व से प्रमाण मांगा है। अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल वरिष्ठ नेता नागेंद्र पासवान विकल ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को पद पर बने करीब एक साल हो गए, लेकिन अब तक मात्र 12 जिला ही घूम पाए हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान 61 सीटों पर चुनाव हुआ, लेकिन अध्यक्ष एक भी जगह प्रचार के लिए नहीं गए। यह आलाकमान के साथ विश्वासघात है। चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं का मन टूट गया है, जिन्हें समेटने के लिए वे अब तक 9 जिलों का दौरा कर चुके हैं। सदाकत आश्रम में सम्मेलन की मांग नेताओं ने बताया कि 17 मार्च को होने वाले महासम्मेलन के लिए सदाकत आश्रम की मांग की गई है। अगर अनुमति नहीं मिली तो होली के बाद पटना में किसी अन्य जगह की घोषणा की जाएगी। इस सम्मेलन के जरिए ‘दिल्ली दरबार’ (केंद्रीय नेतृत्व) को भी प्रदेश की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा। प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य जिले के समर्पित कांग्रेसियों को इस महासम्मेलन का निमंत्रण देना था।
पटना में 17 मार्च को होगा 'कांग्रेस बचाओ' महासम्मेलन:पूर्व विधायक ने प्रदेश नेतृत्व को बताया तानाशाह; छत्रपति यादव बोले- संक्रमण काल से गुजर रही पार्टी
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