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बीसीसीआई के ओम्बड्समैन-कम-एथिक्स ऑफिसर (लोकपाल सह नैतिकता अधिकारी) और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अरुण मिश्रा ने 30 मार्च को झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह नोटिस शिकायत संख्या 13/2026 के तहत जारी किया गया है। दरअसल, 14 अक्टूबर 2025 को जेएससीए के सदस्य नंदू पटेल ने संवैधानिक अनुपालन और क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने जेएससीए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य किए गए लोढ़ा समिति सुधारों का उल्लंघन किया है। जस्टिस मिश्रा ने जेएससीए को जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। सचिव बोले- नोटिस का जवाब देंगे…जेएससीए के सचिव सौरभ तिवारी ने कहा कि बीसीसीआई से नोटिस मिला है और उसका जवाब दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज शिकायत कर रहे हैं, वे पहले पद पर रहकर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव मई 2025 में चुनाव हुआ था। आरोप है कि जेएससीए ने सुप्रीम कोर्ट के 9 अगस्त 2018 और 14 सितंबर 2022 के आदेशों के अनुरूप अपने संविधान का पंजीकरण और विधिवत अंगीकरण किए बिना चुनाव करा लिया। साथ ही यह भी कहा गया है कि 23 सितंबर 2018 को लोढ़ा कमेटी सुधारों के बाद एक विशेष आम बैठक (एसजीएम) आयोजित की गई थी, लेकिन उसके बाद आवश्यक संशोधनों के लिए कोई और विशेष आम बैठक नहीं बुलाई गई। ये हैं मुख्य आरोप… जेएससीए ने वर्ष 2018 से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार संविधान में संशोधन और पंजीकरण नहीं किया। सितंबर 2018 में केवल एक विशेष आम बैठक हुई, इसके बाद कोई अनुपालन कदम नहीं उठाया गया, जिसमें 2022 के संशोधन भी शामिल हैं। संशोधित संविधान अब तक निबंधक के समक्ष अपंजीकृत है। इसके बावजूद जेएससीए ने 2019, 2022 और 2025 में चुनाव कराए, जो कथित रूप से अपंजीकृत ढांचे के तहत हुए। उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके हैं नंदू पटेल…बीते साल हुए जेएससीए चुनाव में नंदू पटेल उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा। नंदू पटेल दूसरे स्थान पर रहे जबकि संजय पांडेय विजयी रहे। चुनाव में कथित धांधली का मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है।

