बंगाली बोलना पड़ा रहा महंगा, महाराष्ट्र में बांग्लादेशी समझ बंगाल के एक और युवक की हत्या

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बंगाली बोलना पड़ा रहा महंगा, महाराष्ट्र में बांग्लादेशी समझ बंगाल के एक और युवक की हत्या

Bengali: कोलकाता. महाराष्ट्र के पुणे में एक बांग्ला भाषी युवक की हत्या कर दी गयी है. आरोप है कि उसकी हत्या बांग्ला बोलने के कारण हुई है. बांग्ला भाषी को स्थानीय लोगों ने बांग्लादेशी समझ उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गयी. पुरुलिया के बांदवान का रहनेवाला युवक का नाम सुखेन महतो है. सुखेन पुणे में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करता था. रिपोर्ट लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार, काम पर बंगाली बोलने के कारण उसकी हत्या कर दी गई. सुखेन अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नेतृत्व सुखेन के घर पहुंचा.

ममता बनर्जी ने मांगा न्याय

महाराष्ट्र के पुणे में पुरुलिया के बांदवान के रहने वाले 24 वर्षीय प्रवासी मजदूर सुखेन महतो की बर्बर हत्या से मैं स्तब्ध, क्रोधित और बेहद दुखी हूं. वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था. यह घृणा अपराध से कम नहीं है. एक युवक को उसकी भाषा, उसकी पहचान, उसकी जड़ों के कारण शिकार बनाया गया, यातना दी गई और उसकी हत्या कर दी गई. यह उस माहौल का सीधा परिणाम है, जहां विदेशियों के प्रति नफरत को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है. ममता ने कहा- मैं दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग करती हूं. सुखेन के परिवार से मैं कहना चाहती हूं कि इस असहनीय दुख की घड़ी में बंगाल उनके साथ खड़ा है. न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

ओडिशा में भी मालदा के तीन युवकों की पिटाई

इसी बीच, ओडिशा में मालदा के तीन युवकों को बांग्लादेशी होने के संदेह में पीटने की खबरें सामने आई हैं. हालांकि यह आरोप या घटना नई नहीं है. देश के विभिन्न हिस्सों में बंगाली बोलने के कारण बांग्लादेशी होने के संदेह में बंगाली लोगों के साथ मारपीट, हत्या और उत्पीड़न के आरोप लगते रहे हैं. जनवरी में महाराष्ट्र में भी ऐसी ही एक घटना घटी थी. आरोप है कि मुर्शिदाबाद के एक युवक की मुंबई में राजमिस्त्री का काम करते समय हत्या कर दी गई. मृतक का नाम रिंटू शेख (30) है. उसका घर मुर्शिदाबाद के रानीतला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत अमदहरा ग्राम पंचायत के हाजीगंज में है. परिवार का आरोप है कि रिंटू को बंगाली बोलने के कारण दूसरे राज्यों के कुछ प्रवासी मजदूरों ने पीट-पीटकर मार डाला.

पहले भी होती रही है ऐसी घटना

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाजीगंज गांव के निवासी रिंटू शेख पिछले कई वर्षों से मुंबई के विभिन्न इलाकों में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे. साल के कुछ महीने मुंबई में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करने के बाद, वह कभी-कभी अपने गांव लौट आते थे. संयोगवश, पिछले साल दिसंबर में मुर्शिदाबाद के सूती पुलिस स्टेशन के अंतर्गत चक बहादुरपुर गांव के निवासी 21 वर्षीय ज्वेल राणा को ओडिशा के संबलपुर में स्थानीय लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला था. घटना में यह आरोप तब लगा जब प्रवासी मजदूर के रूप में काम करते समय बंगाली बोलने पर स्थानीय लोगों ने उसे नाराज कर दिया था. इस मामले के सुलझने से पहले ही, मुर्शिदाबाद के एक अन्य युवक को कथित तौर पर महाराष्ट्र में बंगाली बोलने के कारण पीट-पीटकर मार डाला गया.

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