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गिरिडीह शहरी क्षेत्र स्थित जैन गैस कंपनी में रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। एजेंसी के बाहर हर दिन सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा खाली सिलेंडर लेकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन कई लोगों को बिना गैस के लौटना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार, यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है। कुछ लोग 28 मार्च, 30 मार्च और 1 अप्रैल से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। लाइन में लगने के बाद जब उनकी बारी आती है, तो उन्हें बताया जाता है कि गैस खत्म हो गई है या वितरण का समय समाप्त हो गया है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ता है अत्यधिक भीड़ के कारण कतारों में खड़े लोगों के बीच अक्सर नोकझोंक होती है, जो कई बार विवाद का रूप ले लेती है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ता है। पुलिसकर्मी लोगों को समझाकर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करते हैं। उपभोक्ताओं ने एजेंसी प्रबंधन पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आम लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, जबकि कुछ ‘वीआईपी’ या पहचान वाले लोगों को पीछे के गेट से आसानी से सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाता है। इस कथित पक्षपात से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। स्कूलों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही इस गैस संकट का असर अब स्कूलों पर भी दिख रहा है। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों के लिए खाना बनाने में गैस की आवश्यकता होती है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर न मिलने के कारण कई स्कूलों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कुछ स्कूलों को इनवॉइस मिलने के बावजूद एजेंसी से स्लिप कटवाने के लिए कई दिनों से चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे स्कूल प्रबंधन भी परेशान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए और एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। लकड़ी व कोयला वरदान साबित हो रहा इधर, कोडरमा में भी गैस की किल्लत लगातार जारी है। यहां शहरी क्षेत्र खासकर झुमरीतिलैया के विभिन्न गैस गोदाम के बाहर सुबह से ही एलपीजी उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को मिलती है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए यहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि उपभोकक्ताओं को सही तरीके से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हो सके। वहीं, कुछ लोग जहां इंडक्शन पर आश्रित हो रहे तो वहीं कई लोगों के लिए लकड़ी व कोयला वरदान साबित हो रहा है। अगर स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो जल्द ही अधिकांश लोगों को लकड़ी तथा कोयले पर आश्रित होना पड़ सकता है।

