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भास्कर न्यूज | इटखोरी मां भद्रकाली मंदिर प्रांगण स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विराजमान राम-जानकी की शुक्रवार सुबह और शाम श्रद्धा और भक्ति के साथ मंदिर के पुजारी दिलीप पांडेय और गोपाल पांडेय ने पूजन और आरती की। शृंगार पूजन और आरती देश में सुख-समृद्धि के लिए की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं की भी भीड़ मंदिर प्रांगण में जुटी रही। पुजारी दिलीप पांडेय ने कहा कि भक्तों ने अपनी-अपनी इच्छा अनुसार मनोकामना पूर्ण तथा महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख, और जीवन में धैर्य व मर्यादा की प्राप्ति के लिए राम-जानकी की पूजा की। इसके बाद 12 बजे दिन भगवान का भोग के लिए मंदिर का कपाट बंद कर दिया गया। फिर 1 घंटे बाद 1 बजे दिन मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए खोला गया। इस बीच भगवान राम और माता जानकी और भगवान गणेश व विश्वकर्मा भगवान समेत अन्य सभी देवी देवताओं की खीर से भोग लगाई गई। उल्लेखनीय है कि इस विश्वकर्मा मंदिर में भगवान विश्वकर्मा, राम जानकी, भगवान गणेश के अलावे छोटा हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित है। प्रत्येक दिन की संध्या में सबसे पहले यहां भगवान गणेश, इसके बाद मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम एवं मां जानकी, बजरंगबली और भगवान विश्वकर्मा की आरती की जाती है। यहां का आरती और श्रंगार पूजन का भी विशेष महत्व है। आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। 3 अप्रैल को मां भद्रकाली, पंचमुखी हनुमान मंदिर, शनि देव मंदिर और सहस्त्र शिवलिंगम मंदिर में पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ दिन भर जुटी रही।

